Report: Devendra jaiswal
बढ़ती ई-रिक्शा संख्या से यातायात पर दबाव
Indore शहर में वर्तमान में साढ़े दस हजार से अधिक ई-रिक्शा सड़कों पर संचालित हो रहे हैं। वाहनों की लगातार बढ़ती संख्या के साथ ई-रिक्शाओं में भी तेजी से इजाफा हुआ है। प्रशासन का मानना है कि अनियंत्रित ई-रिक्शा संचालन के कारण कई प्रमुख चौराहों और संकरी सड़कों पर जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है, जिससे आम यातायात प्रभावित हो रहा है।

प्रशासन का फैसला, छह जोन और पहचान व्यवस्था
Indore यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए जिला प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस, आरटीओ और अन्य विभागों की संयुक्त बैठक में ई-रिक्शाओं को छह अलग-अलग जोन में विभाजित करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत ई-रिक्शाओं पर कलर कोडिंग, नंबर कोडिंग और विशेष स्टीकर लगाए जाने की योजना है। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों पर कानूनी कार्रवाई करने की बात भी तय की गई है।

ई-रिक्शा चालकों का विरोध, समान नियमों की मांग
Indore नए नियमों की जानकारी सामने आते ही मंगलवार को बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालक कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सौंपा। चालकों का आरोप है कि नियमों की सख्ती सिर्फ उन्हीं पर लागू की जा रही है, जबकि सिटी बस, आई-बस और अन्य बड़े वाहनों के लिए अलग व्यवस्था है। उनकी मांग है कि उन्हें सिटी परमिट दिया जाए और कानूनी रूप से राजवाड़ा तक संचालन की अनुमति मिले। चालकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं हुआ, तो वे आंदोलन तेज करेंगे।
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