BY: Yoganand Shrivastva
हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने ऐसी ताकत दिखाई कि बीजिंग से लेकर इस्लामाबाद तक हलचल मच गई। भारत ने तीन देशों के गठजोड़ को मात दी — जहां पाकिस्तान की सेना लड़ी, रणनीति चीन की थी और हथियारों में तुर्की का सहयोग था। भारत ने इस पूरे ऑपरेशन में अपने स्वदेशी हथियारों से मोर्चा संभाला और पूरी दुनिया को दिखा दिया कि वह एक साथ दो मोर्चों पर लड़ने के लिए भी तैयार है। आइए जानते हैं भारत के उन घातक हथियारों के बारे में जिनकी वजह से दुश्मनों में खलबली मची हुई है।
1. माउंटेड गन सिस्टम
DRDO द्वारा विकसित यह 155mm 52-कैलिबर व्हीकल माउंटेड तोप बेहद घातक और मोबाइल है। गोला दागने के 85 सेकेंड के भीतर यह अपनी पोजिशन बदल सकती है, जिससे दुश्मन को जवाब देने का मौका ही नहीं मिलता।
2. ATAG (Advanced Towed Artillery Gun)
यह लंबी दूरी तक मार करने वाली तोप 45-48 किमी की रेंज में दुश्मन को निशाना बना सकती है। खास बात: 1 मिनट में 6 गोले दागने की क्षमता रखती है — यानी हर 10 सेकंड में एक अचूक हमला।
3. आकाश नेक्स्ट जेनरेशन एयर डिफेंस सिस्टम
120 किमी दूर से टारगेट लॉक करने और जरूरत पड़ने पर सेकंडों में मिसाइल लॉन्च करने वाला यह सिस्टम दुनिया में अपनी तरह का अकेला है। दुश्मन के लड़ाकू विमानों और मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर सकता है।
4. CQB कार्बाइन
DRDO द्वारा बनाई गई यह हाई-टेक असॉल्ट राइफल 60 सेकेंड में 600 राउंड फायर कर सकती है। सेना को इसकी 4.24 लाख यूनिट मिलने वाली हैं। 200 मीटर की रेंज वाली यह राइफल शॉर्ट रेंज कॉम्बैट के लिए आदर्श है।
5. इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल (WHAP)
इस मल्टी टेरेन व्हीकल में 6-12 सैनिकों को ले जाया जा सकता है। यह वाहन नदी पार कर सकता है, कीचड़ में दौड़ सकता है और -50°C से +55°C तापमान तक कार्यक्षम है। इसमें एंटी-ड्रोन सिस्टम और रेडियोएक्टिव/केमिकल डिटेक्शन की क्षमता भी है।
6. आकाश और आकाशतीर मिसाइल सिस्टम
ऑपरेशन सिंदूर में भारत की ये मिसाइलें टर्निंग पॉइंट साबित हुईं। दुश्मन की मिसाइलें उड़ान भरने से पहले ही हवा में तबाह कर दी गईं। NG वर्जन में यह सिस्टम 3 किमी से 120 किमी तक हर खतरे को खत्म करने में सक्षम है।
7. पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर
भारत का सबसे खतरनाक स्वदेशी हथियार, जिसे 48 सेकेंड में 12 रॉकेट फायर करने की क्षमता के साथ बनाया गया है।
- पिनाका Mk1: 37.5 किमी रेंज
- एनहांस्ड पिनाका: 50 किमी रेंज
- गाइडेड पिनाका: 75 किमी रेंज
यह दुश्मन के कैंप या ठिकाने को पूरी तरह तबाह करने के लिए काफी है।
DRDO का योगदान
DRDO ने हर स्तर पर भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हथियारों की पूरी श्रृंखला तैयार की है। माउंटेड गन, रॉकेट सिस्टम, एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल, और इन्फैंट्री व्हीकल से लेकर हाई-टेक राइफल्स तक — हर उपकरण अब “Make in India” का हिस्सा है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने साबित कर दिया कि उसका स्वदेशी रक्षा तंत्र अब किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम है। बीजिंग हो या इस्लामाबाद — अब भारत के हथियारों की गर्जना दूर तक सुनाई दे रही है। युद्ध कभी भी शुरू हो सकता है, लेकिन भारत तैयार है — तेज़, आत्मनिर्भर और घातक।





