चंबल नदी से अवैध रेत खनन, खनिज विभाग ने पकड़ी पांच फाइटर मशीनें, माफियाओं की तलाश जारी

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रिपोर्ट: मूलचंद खींची

नीमच: चंबल नदी के गांधीसागर जलाशय के बैकवॉटर क्षेत्र में रेत माफियाओं की सक्रियता लगातार बनी हुई है। यहां माफिया आधुनिक मशीनों के जरिए नदी के अंदर से अवैध रूप से रेत निकाल रहे थे। मंगलवार को खनिज अधिकारी भावना सेंगर के नेतृत्व में कार्रवाई की गई, जिसमें पांच नावनुमा फाइटर मशीनों को जब्त किया गया। इन मशीनों के जरिए भारी मात्रा में रेत निकाली जा रही थी।

लगातार सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद खनिज विभाग ने यह कार्रवाई की। इस दौरान कई नावें नागदा की ओर भाग निकलीं, जिन तक टीम नहीं पहुंच सकी। जब्त की गई पांच फाइटर मशीनों को कटर और जेसीबी की मदद से नष्ट कर दिया गया। बताया जा रहा है कि यह माफिया लंबे समय से गांधीसागर बैकवॉटर क्षेत्र से अवैध रूप से रेत निकालकर मंदसौर जिले के संजीत और नीमच जिले के कुंडला-खानखेड़ी तक सप्लाई कर रहे थे।

भाजपा नेता का नाम आया सामने

खनिज विभाग की इस कार्रवाई से माफियाओं में हड़कंप मच गया। मौके से कुछ कर्मचारी पकड़े गए हैं, वहीं नदी किनारे कई स्थानों पर रेत के ढेर भी मिले हैं। अवैध रूप से निकाली गई यह रेत नीमच और मंदसौर जिलों में ऊंचे दामों पर बेची जाती थी। इस मामले में नीमच जिले के नागदा नामक व्यक्ति का नाम सामने आया है, जिसकी तलाश में खनिज विभाग जुटा हुआ है।

अत्याधुनिक तरीकों से हो रहा था रेत खनन

खनिज अधिकारी भावना सेंगर के अनुसार, माफिया अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर नदी से रेत निकाल रहे थे। फाइटर मशीनों को नाव में लगाकर पाइप के माध्यम से पानी के अंदर से रेत खींची जाती थी, फिर नाव के जरिए इसे किनारे लाया जाता था। इसके बाद जेसीबी की मदद से आसपास के इलाकों में रेत की सप्लाई की जाती थी।

इस कार्रवाई से अवैध खनन में लिप्त लोगों में खलबली मच गई है, और प्रशासन अब मुख्य आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास कर रहा है।

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