Report: Rupesh kumar das
Hazaribagh झारखंड के हजारीबाग जिले में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। जिला कोषागार (ट्रेजरी) से पिछले आठ वर्षों के दौरान 15.41 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का खुलासा हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल घोटाले में पुलिस विभाग की लेखा शाखा के तीन सिपाहियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने डिजिटल सिस्टम में सेंध लगाकर करोड़ों रुपये डकार लिए।
Hazaribagh डाटा एनालिसिस से खुली पोल
इस घोटाले का खुलासा तब हुआ जब झारखंड सरकार के कोषागार एवं सांस्थिक वित्त निदेशालय ने डाटा एनालिसिस किया। जांच में पाया गया कि पिछले 8 सालों में दो विशेष बैंक खातों में ₹15,41,41,485 का संदिग्ध ट्रांजेक्शन हुआ है। मामले की गंभीरता देखते हुए हजारीबाग जिला प्रशासन ने अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में चार सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया।
Hazaribagh फर्जी ‘Temp Pay ID’ का खेल
जांच दल ने पाया कि आरोपियों ने सरकारी सिस्टम में ‘Temp Pay ID’ बनाकर इस बड़े फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। इसके जरिए अवैध रूप से सरकारी राशि निकाली गई और उसे विभिन्न संदिग्ध निजी बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया।
अब तक की बड़ी कार्रवाई:
- खाते फ्रीज: जांच के बाद कुल 21 संदिग्ध बैंक खातों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया है।
- रकम रिकवरी: इन फ्रीज किए गए खातों में मौजूद करीब ₹1.60 करोड़ की राशि को सुरक्षित कर लिया गया है।
Hazaribagh पुलिस विभाग के तीन सिपाही गिरफ्तार
इस घोटाले की मुख्य कड़ी पुलिस विभाग की लेखा शाखा में कार्यरत तीन सिपाही निकले। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
- शंभु कुमार
- रजनीश सिंह
- धीरेन्द्र सिंह
पूछताछ के दौरान इन तीनों सिपाहियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उन्होंने बताया कि कैसे वे लंबे समय से सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर सरकारी धन की हेराफेरी कर रहे थे।
Hazaribagh प्राथमिकी दर्ज और न्यायिक हिरासत
कोषागार पदाधिकारी की लिखित शिकायत पर हजारीबाग के लोहसिंगना थाना में कांड संख्या 32/2026 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर गुरुवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि इस गिरोह में और कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं।





