रिपोर्ट: अमित मिश्रा BY: Vijay Nandan
हमीरपुर: जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत यमुना पुल के पास नेशनल हाईवे-34 पर रविवार देर शाम रफ्तार का खौफनाक मंजर देखने को मिला। एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को रौंद दिया। हादसा इतना भीषण था कि बाइक ट्रक में फंस गई और करीब 100 मीटर तक घिसटती चली गई, जिससे दोनों युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
हादसे के बाद ट्रक चालक ट्रक को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन ट्रैफिक पुलिस के देर से पहुंचने और लचर व्यवस्था के चलते हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। गुस्साए लोगों ने प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कड़ी नाराजगी जताई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अगर पुलिस समय पर पहुंचती तो स्थिति को संभाला जा सकता था। घटना के बाद मृतकों की पहचान और ट्रक चालक की तलाश में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वहीं हादसे से गमगीन परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।

उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों की संख्या और इनसे होने वाली मौतों में लगातार वृद्धि देखी गई है। जनवरी 2024 से दिसंबर 2024 तक, राज्य में कुल 46,052 सड़क दुर्घटनाएँ हुईं, जिनमें 24,118 लोगों की मृत्यु हुई और 34,665 लोग घायल हुए।
सड़क हादसों के प्रमुख कारण:
- तेज रफ्तार (ओवरस्पीडिंग): कुल सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या तेज गति से वाहन चलाने के कारण होती है। दोपहिया और चारपहिया वाहनों से जुड़े अधिकतर हादसों में यही मुख्य वजह बनती है।
- अनुशासनहीन यातायात व्यवहार: खासकर युवा चालकों द्वारा गलत दिशा में वाहन चलाना, हेलमेट या सीट बेल्ट न पहनना, और बिना लाइसेंस गाड़ी चलाना प्रमुख वजहों में शामिल हैं।
- खराब सड़कें और अव्यवस्थित इन्फ्रास्ट्रक्चर: राष्ट्रीय और राज्यीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं की संख्या ज्यादा होती है। उचित सड़क चिन्ह, स्ट्रीट लाइट और स्पीड ब्रेकर की कमी से जोखिम और बढ़ जाता है।
- यातायात नियमों की अनदेखी: गलत तरीके से ओवरटेक करना, नशे की हालत में वाहन चलाना, और मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए ड्राइव करना दुर्घटनाओं को बढ़ाता है।
समाधान के लिए जरूरी कदम:
- यातायात नियमों का सख्ती से पालन करवाना
- सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाना
- ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को और कड़ा करना
- ट्रैफिक पुलिस और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को तेज़ और जवाबदेह बनाना
- जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सड़क सुरक्षा की अहमियत समझाना
अगर समय रहते इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो सड़क हादसों में और बढ़ोतरी की आशंका बनी रहेगी।





