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ग्वालियर में सतर्कता बढ़ी: अंबेडकर विवाद के बाद प्रशासन ने कसी सुरक्षा व्यवस्था

Report: Arvind Chouhan, Edit: Yoganand Shrivastva

ग्वालियर। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को लेकर उपजे विवाद के बाद भले ही दोनों पक्षों ने अपने आंदोलन वापस लेने की घोषणा कर दी हो, लेकिन जिला और पुलिस प्रशासन किसी भी जोखिम से बचने के लिए पूरी तरह सतर्क है। सोमवार रात से ही जिलेभर में सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है। आसपास के जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है, जिसे संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। विशेष रूप से थाटीपुर चौहान प्याऊ, मुरार फूल बाग और वकील अनिल मिश्रा के घर के आसपास भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।

कलेक्टर रुचिका चौहान और एसपी धर्मवीर सिंह स्वयं शहर में भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वे लगातार विभिन्न इलाकों में जाकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। दरअसल, 15 अक्टूबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर भीम आर्मी और सवर्ण समाज संगठनों के बीच आमने-सामने की स्थिति बन गई थी। हालांकि बाद में दोनों ही पक्षों ने अपने आंदोलन स्थगित कर दिए, लेकिन प्रशासन अभी भी किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को ध्यान में रखते हुए अलर्ट मोड पर है।

गौरतलब है कि 2 अप्रैल 2018 के आंदोलन के दौरान जिले में हिंसा भड़क गई थी, जिसमें तीन दलित युवकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और पूरे संभाग में तनाव फैल गया था। इसी पृष्ठभूमि को देखते हुए इस बार प्रशासन कोई भी लापरवाही नहीं बरतना चाहता। मंगलवार शाम को वकील अनिल मिश्रा और उनके समर्थकों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और सड़क पर टेंट लगाने की कोशिश भी की, जिसे मौके पर मौजूद पुलिस ने समझाइश देकर हटवा दिया। ग्वालियर फिलहाल सुरक्षा घेरे में बंद शहर की तरह नजर आ रहा है, और प्रशासन का उद्देश्य है कि स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण और नियंत्रित बनी रहे।

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