Report by : anand mahant
Indore News: इंदौर में बंजारा समाज ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदेशभर से समाज के लोग इंदौर पहुंचे और लालबाग से कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकाली। समाज की प्रमुख मांगों में मध्य प्रदेश में बंजारा समाज को ST यानी अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल करने की मांग शामिल रही। इसके साथ ही शिक्षा, रोजगार, व्यापार, राजनीतिक सहभागिता और विमुक्त एवं घुमक्कड़ जातियों से जुड़े मुद्दे भी सरकार के सामने रखे गए। समाज की ओर से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। बंजारा समाज ने 2 अक्टूबर को इंदौर में रैली और सांकेतिक प्रदर्शन की घोषणा पहले ही की थी।
Indore News: प्रदेशभर से इंदौर पहुंचे बंजारा समाज के लोग
Indore News: बंजारा समाज के प्रदर्शन को लेकर सुबह से ही लालबाग में समाजजनों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से समाज के लोग शामिल हुए। दोपहर करीब 12 बजे राष्ट्रीय संत श्री जी महाराज धर्माधिकारी के पहुंचने के बाद समाज के लोगों ने अपनी मांगों और सामाजिक मुद्दों को लेकर विचार रखे।
इसके बाद रैली की तैयारी शुरू हुई। समाज के पदाधिकारियों और लोगों ने अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए कलेक्टर कार्यालय की ओर कूच किया। इससे पहले समाज की ओर से बताया गया था कि यह कार्यक्रम अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
Indore News: लालबाग से कलेक्टर कार्यालय तक निकाली गई रैली
Indore News: दोपहर करीब 12:30 बजे बंजारा समाज के लोग रैली के रूप में लालबाग से कलेक्टर कार्यालय की ओर रवाना हुए। आयोजकों के मुताबिक रैली में 4 हजार से अधिक लोग शामिल हुए। बड़ी संख्या में समाजजनों की मौजूदगी के बीच रैली कलेक्टर कार्यालय पहुंची।
रैली के दौरान समाज की प्रमुख मांग ST आरक्षण रही। इसके साथ ही समाज के लोगों ने शिक्षा, रोजगार, व्यापार और राजनीतिक भागीदारी जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शन के दौरान समाज की ओर से सरकार से मांगों पर विचार कर उचित कार्रवाई की अपील की गई।
Indore News: ST आरक्षण की मांग को लेकर सरकार के सामने रखी बात
Indore News: समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि ST आरक्षण की मांग उनके आंदोलन का प्रमुख मुद्दा है। नेमीचंद नायक, भीमसिंह राणा, ममराज पवार, बबलू राठौर और राम पवार ने समाज की मांगों को सामने रखा।
समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि बंजारा समुदाय से जुड़े लोगों की शिक्षा, रोजगार और आर्थिक स्थिति से संबंधित मुद्दों पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा व्यापार और राजनीतिक सहभागिता से जुड़े विषयों को भी ज्ञापन में शामिल किया गया।
ST वर्ग में शामिल किए जाने की मांग को लेकर बंजारा समाज पहले भी अपनी आवाज उठाता रहा है। सितंबर में इंदौर में हुई समाज की बैठक में 2 अक्टूबर को मौन रैली और सांकेतिक धरने का निर्णय लिया गया था। उस समय समाज की ओर से कहा गया था कि मध्य प्रदेश में ST वर्ग में शामिल किए जाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है।
Indore News: शिक्षा, रोजगार और व्यापार से जुड़े मुद्दे भी उठाए
Indore News: बंजारा समाज के प्रदर्शन में सिर्फ आरक्षण का मुद्दा ही नहीं बल्कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े विषय भी उठाए गए। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने की जरूरत है।
इसके साथ ही व्यापार और सामाजिक विकास से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया। समाज की ओर से विमुक्त एवं घुमक्कड़ जातियों से जुड़े विषयों को भी ज्ञापन में शामिल किए जाने की जानकारी दी गई।
समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि अलग-अलग राज्यों में बंजारा समाज की सामाजिक श्रेणी अलग-अलग होने के कारण समुदाय से जुड़े लोगों के सामने अलग-अलग परिस्थितियां हैं। इसी संदर्भ में मध्य प्रदेश में ST वर्ग में शामिल किए जाने की मांग रखी जा रही है।
Indore News: मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर कार्यालय में सौंपा ज्ञापन
Indore News: रैली के कलेक्टर कार्यालय पहुंचने के बाद समाजजनों ने प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से ST आरक्षण समेत समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया।
प्रदर्शनकारी दोपहर के बाद भी कलेक्टर कार्यालय परिसर के आसपास मौजूद रहे। जानकारी के मुताबिक समाज के लोग शाम करीब 4 बजे तक कार्यक्रम में शामिल रहे। इसके बाद कार्यक्रम का समापन लालबाग में किया गया।
प्रशासन की ओर से रैली और प्रदर्शन के लिए अनुमति से जुड़ी प्रक्रिया निर्धारित है। इंदौर जिला प्रशासन की वेबसाइट पर बैठक, रैली और जुलूस के लिए अनुमति संबंधी प्रक्रिया भी उपलब्ध है।
Indore News: विमुक्त एवं घुमक्कड़ जातियों से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान देने की मांग
Indore News: बंजारा समाज के प्रतिनिधियों ने विमुक्त एवं घुमक्कड़ जातियों से जुड़े मुद्दों को भी सरकार के सामने रखा। समाज का कहना है कि शिक्षा, रोजगार, व्यापार और सामाजिक विकास के साथ इन समुदायों से जुड़े विषयों पर भी नीतिगत स्तर पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
फिलहाल प्रदर्शन के जरिए समाज ने अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाई हैं। अब इन मांगों पर राज्य सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, यह आगे देखने वाली बात होगी। वहीं ST आरक्षण की मांग को लेकर बंजारा समाज की ओर से आगे भी आंदोलन या अन्य कार्यक्रम किए जाने की संभावना बनी हुई है।


