BY
Yoganand Shrivastava
Gwalior news: ग्वालियर में शुक्रवार शाम आकाशवाणी तिराहा पर डॉ. भीमराव अंबेडकर का पुतला जलाने की सूचना मिलते ही शहर में तनाव का माहौल बन गया। सूचना के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां तुरंत सतर्क हो गईं।
पुलिस ने समय रहते की कार्रवाई
हालात बिगड़ने से पहले पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एक वकील को हिरासत में ले लिया और पुतला जब्त कर लिया। किसी भी स्थिति में पुतला दहन नहीं होने दिया गया। शनिवार को आरोपी वकील के खिलाफ शांति भंग करने का मामला दर्ज किया गया।
पुलिस का पक्ष
पुलिस के अनुसार अधिवक्ता आशुतोष दुबे अपने कुछ साथियों के साथ पुतला लेकर तिराहे पर पहुंचे थे। समझाइश के दौरान वह पुतला लेकर भागने लगे और नारेबाजी शुरू हो गई, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया।
भीम आर्मी और अन्य संगठनों का विरोध
घटना की जानकारी मिलते ही भीम आर्मी, आज़ाद समाज पार्टी और अन्य ओबीसी संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। ‘जय भीम’ के नारे लगाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर का पुतला जलाने का प्रयास किया जा रहा था। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल बढ़ा दिया गया।
एसपी कार्यालय का घेराव
प्रदर्शनकारियों ने बाद में एसपी कार्यालय पहुंचकर घेराव किया और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कुछ संगठनों ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाने तक की मांग रखी, जिससे कुछ समय के लिए तनाव बना रहा।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया और चेतावनी
भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर इसे लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के खिलाफ बताया। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आगामी दिनों में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
आरोपी वकील का दावा
अधिवक्ता आशुतोष दुबे ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि जिस पुतले को वह लेकर गए थे, उस पर किसी का नाम नहीं लिखा था। उनका दावा है कि वह चंद्रशेखर आजाद के पुतले का दहन करना चाहते थे और इसकी जानकारी पहले ही पुलिस को दी गई थी।
प्रशासन का बयान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने स्पष्ट किया कि पुतला दहन की योजना को देखते हुए पुलिस ने एहतियातन कार्रवाई की। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।





