Gwalior Illegal Ahata मध्यप्रदेश में सरकार ने शराब दुकानों के साथ संचालित होने वाले अहातों को बंद कर दिया था, लेकिन ग्वालियर में अब इन्हीं नियमों की अनदेखी के आरोप सामने आ रहे हैं। आरोप है कि शहर में देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानों के ठीक बगल से ही कथित तौर पर अहाते संचालित किए जा रहे हैं, जहां लोगों को बैठाकर शराब पिलाने की व्यवस्था होने की बात कही जा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब अहाते बंद हैं तो शराब दुकानों के आसपास यह व्यवस्था किसकी निगरानी में चल रही है?
देशी-अंग्रेजी शराब दुकानों के ठीक बगल में कथित अहाते
Gwalior Illegal Ahata ग्वालियर के नाका चंद्रवदनी क्षेत्र में देशी शराब की दुकान के ठीक बगल में कथित तौर पर अहाता संचालित होने की बात सामने आई है। इसी तरह आमखो क्षेत्र में संचालित शराब की दुकान के पास भी लोगों के बैठकर शराब पीने की व्यवस्था होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। एसएफ ग्राउंड के सामने स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान को लेकर भी ऐसे ही सवाल उठ रहे हैं।
यानी आरोप सिर्फ शराब दुकानों से कुछ दूरी पर गतिविधियां होने का नहीं, बल्कि देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानों के ठीक बगल में ही कथित अहाते संचालित होने का है। यदि मौके पर ऐसी व्यवस्था वास्तव में संचालित हो रही है, तो यह सीधे तौर पर जांच का विषय है।
आबकारी विभाग की निगरानी पर उठ रहे सवाल
Gwalior Illegal Ahata स्थानीय स्तर पर आरोप है कि इन स्थानों पर कथित अहातों के संचालन की जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों तक भी है। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह है कि शराब दुकानों के ठीक बगल में यदि लोगों को बैठाकर शराब पिलाई जा रही है, तो आबकारी विभाग के निरीक्षण में यह व्यवस्था कैसे नहीं दिखाई दे रही?
स्थानीय पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। आखिर शराब दुकानों के आसपास ऐसी गतिविधियां चलने की शिकायतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
लाइसेंसधारक के नाम पर अहाता चलाने का भी आरोप
Gwalior Illegal Ahata चर्चा यह भी है कि कुछ स्थानों पर जिस व्यक्ति के नाम शराब दुकान का लाइसेंस है, उसी के माध्यम से कथित तौर पर दुकान के ठीक बगल में अहाता संचालित कराया जा रहा है। यदि यह आरोप सही है तो पूरे मामले की जांच के साथ यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि नियमों का उल्लंघन किस स्तर पर हो रहा है और संबंधित अधिकारियों ने अब तक क्या कार्रवाई की है।
अब सवाल सीधा है—जब सरकार ने अहाते बंद कर रखे हैं, तो ग्वालियर में देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानों के ठीक बगल में कथित तौर पर चल रही इन व्यवस्थाओं पर आबकारी विभाग की नजर क्यों नहीं पड़ रही? क्या विभाग इन स्थानों का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति सामने लाएगा और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई करेगा? फिलहाल संबंधित विभाग का पक्ष सामने आना बाकी है।


