BY: Yoganand Shrivastva
ग्वालियर। आसाराम बापू आश्रम के पीछे एक जर्जर मकान को तोड़ते समय बड़ा हादसा हो गया। छत अचानक गिरने से मलबे में दबकर मजदूर की मौत हो गई। घटना को हुए करीब 102 दिन बाद पुलिस ने मकान मालिक और ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि मकान मालिक सोनू सेन ने मजदूर को नीचे दीवार तोड़ने का काम सौंपा था, जबकि ठेकेदार दीपक किरार ने उसी समय सीलनभरी कमजोर छत पर हैमर ड्रिल मशीन चला दी। मशीन के कंपन से छत भरभराकर गिर पड़ी और नीचे काम कर रहे मजदूर नरेन्द्र किरार (40) उस मलबे के नीचे दब गए।
हादसे के बाद नरेन्द्र को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों ने इस घटना के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने करीब तीन महीने तक जांच की, जिसमें स्पष्ट हुआ कि यह हादसा पूरी तरह मकान मालिक और ठेकेदार की लापरवाही का नतीजा था।
रविवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों — सोनू सेन (मकान मालिक) और दीपक किरार (ठेकेदार) — के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, छत पहले से सीलन और जर्जर हालत में थी, बावजूद इसके ठेकेदार ने सुरक्षा के नियमों को नजरअंदाज करते हुए भारी मशीन से काम करवाया। इसी लापरवाही के चलते मजदूर की जान चली गई।





