report-anirudh sonane by: vijay yadav
MP Fertilizer Sale Ban : भोपाल। मध्य प्रदेश में अनुदानित खाद की बिक्री को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। कृषि विभाग ने अगले आदेश तक प्रदेश में अनुदानित खाद की बिक्री पर रोक लगा दी है। कृषि सचिव निशांत वरवड़े ने इस संबंध में सभी कलेक्टरों को पत्र जारी कर खाद के स्टॉक का मिलान कराने के निर्देश दिए हैं। सरकार अब IFMS पोर्टल पर दर्ज रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक का मिलान करेगी। इसके बाद ही खाद की बिक्री दोबारा शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा।
MP Fertilizer Sale Ban : स्टॉक मिलान के लिए बिक्री पर लगाई रोक
कृषि विभाग के निर्देश के मुताबिक प्रदेश में खाद वितरण से जुड़े प्रमुख केंद्रों पर अनुदानित खाद की बिक्री फिलहाल रोक दी गई है। अधिकारियों को उपलब्ध वास्तविक स्टॉक और पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों का मिलान करने को कहा गया है। रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक में किसी तरह का अंतर मिलने पर उसकी वजह भी जांची जाएगी।

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सरकारी रिकॉर्ड और जमीन पर उपलब्ध खाद के स्टॉक में कितना अंतर सामने आया है। यह अंतर किस कारण से है, इसकी जानकारी भी विभाग की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
MP Fertilizer Sale Ban : धान, मक्का, सोयाबीन किसानों की बढ़ सकती है चिंता
सरकार के इस फैसले का असर खरीफ सीजन की तैयारियों पर पड़ सकता है। प्रदेश में धान सहित कई खरीफ फसलों की बोनी के बाद किसानों को यूरिया और अन्य उर्वरकों की जरूरत पड़ती है। ऐसे समय में खाद की बिक्री पर रोक लगने से किसानों की चिंता बढ़ सकती है।
खासतौर पर धान की खेती करने वाले किसानों के लिए समय पर यूरिया की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है। यदि बिक्री पर रोक लंबे समय तक जारी रहती है तो किसानों को फसल के लिए आवश्यक उर्वरक हासिल करने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
MP Fertilizer Sale Ban : रिकॉर्ड की जांच के बाद सरकार लेगी फैसला
कृषि विभाग अब IFMS पोर्टल के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक का मिलान कराने में जुटेगा। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद खाद की बिक्री को लेकर आगे का फैसला लिया जाएगा। सरकार की कोशिश स्टॉक की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और खाद वितरण व्यवस्था में किसी भी तरह की गड़बड़ी को सामने लाने की बताई जा रही है।
फिलहाल किसानों को खाद की बिक्री दोबारा शुरू होने के लिए अगले आदेश का इंतजार करना होगा। विभाग की जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि स्टॉक में अंतर कितना है और बिक्री पर लगी रोक कितने समय तक जारी रहती है।
MP Fertilizer Sale Ban : किसानों के सामने खाद की उपलब्धता बड़ी चुनौती
खरीफ सीजन में किसानों के लिए बीज और खाद की समय पर उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में अनुदानित खाद की बिक्री पर अचानक रोक से किसानों के बीच असमंजस की स्थिति बन सकती है। खासकर उन किसानों के लिए समस्या बढ़ सकती है, जिन्हें फसल की अगली अवस्था में यूरिया की तत्काल जरूरत पड़ने वाली है।
अब निगाहें कृषि विभाग की स्टॉक जांच और सरकार के अगले आदेश पर टिकी हैं। स्टॉक मिलान पूरा होने के बाद ही खाद बिक्री को लेकर तस्वीर साफ होगी।



