Report: Vishal dubey
Ujjain कनाडा के फोर्ट सेंट जॉन शहर में नस्लीय हिंसा का शिकार हुए उज्जैन के होनहार छात्र गुरकीरत सिंह मनोचा का पार्थिव शरीर शुक्रवार सुबह उनके पैतृक निवास पहुंचा। 14 मार्च को हुई इस दुखद घटना के बाद से ही परिवार और शहरवासी अंतिम दर्शनों का इंतजार कर रहे थे। नम आंखों के साथ पूरे शहर ने अपने लाडले को अंतिम विदाई दी।

Ujjain मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन प्रवास के दौरान दिवंगत गुरकीरत सिंह मनोचा के निवास पहुँचकर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए। शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:
“शासन प्रदेशवासियों के हर सुख-दुख में साथ खड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार और मध्य प्रदेश शासन के निरंतर प्रयासों से ही गुरकीरत का पार्थिव शरीर कनाडा से स्वदेश लाना संभव हो सका है।”
मुख्यमंत्री के साथ प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, सांसद अनिल फिरोजिया और विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की और बाबा महाकाल से परिवार को यह वज्रपात सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

Ujjain 21 दिन का लंबा और कष्टदायी इंतजार
गुरकीरत का शव गुरुवार शाम को अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुँचा था, जहाँ कस्टम और जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। वहां से एम्बुलेंस के जरिए रात करीब 9 बजे शव को उज्जैन के लिए रवाना किया गया। शुक्रवार सुबह जैसे ही शव देवास रोड स्थित पार्श्वनाथ सिटी पहुँचा, पूरा इलाका ‘गुरकीरत अमर रहे’ के नारों और सिसकियों से गूंज उठा।

Ujjain क्या थी घटना?
कनाडा में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे गुरकीरत के साथ 14 मार्च को बर्बरता की गई थी। फोर्ट सेंट जॉन शहर में करीब 10-12 युवकों ने पहले गुरकीरत के साथ मारपीट की और फिर उस पर गाड़ी चढ़ा दी। अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया था।
Ujjain अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब
अंतिम अरदास के बाद जब गुरकीरत की अंतिम यात्रा निकली, तो हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। हर आँख नम थी और हर चेहरे पर दुख के साथ-साथ इस हिंसा के खिलाफ आक्रोश भी था। स्थानीय श्मशान घाट पर गमगीन माहौल में उनका दाह संस्कार किया गया।





