प्रयागराज: महाकुंभ की ‘महातैयारी’

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
‘Great preparations’ for Mahakumbh in Prayagraj

13 जनवरी 2025 को पौष पूर्णिमा पर पहले स्नान से शुभारंभ

बात दुनिया के सबसे बड़े मेले की… जहां दुनिया का सबसे बड़ा जमावड़ा लगने जा रहा है… जमावड़ा इतना जहां कि एक छोटे देश की आबादी बराबर….एक ऐसा मेला जो धार्मिक तो है ही … साथ ही सामाजिक, राजनीतिक,  और आर्थिक भी….हम बात कर रहे हैं.. महाकुंभ 2025 की जो जनवरी में प्रगागराज में संगम तट पर लगने जा रहा है….यहां किस की तैयारियां चल रही है और इस बार महाकुंभ में क्या कुछ खास स्वदेश न्यूज की यूपी हेड वंदना रावत की स्पेशल रिपोर्ट

पवित्र पुण्यदायिनि गंगा, यमुना और सरस्वती  संगम का तट और आस्था की डूबकी… प्रयागराज में महाकुंभ 2025 की तैयारियां बता रही हैं कि इस बार महाकुंभ पहले से कहीं ज्यादा दिव्य, और भव्य होना वाला है.. 40 करोड़ से ज्यादा लोगों का जमावड़ा इस बार संगम तट पर आस्था की डूबकी लगाने पहुंचने वाला है….इतने बड़े जनसैलाब के लिए योगी सरकार ने भी कमर कस ली है.. इस बार 2019 के मुकाबले ज्यादा बड़ा ज्यादा दिव्य ज्यादा भव्य महाकुंभ है, आइए महाकुंभ की प्रमुख तैयारियों पर एक नजर डाल लेते हैं..

महाकुंभ मेल क्षेत्र में ये है महातैयारी

  • कुंभ मेला क्षेत्र 4000 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है
  • मेला क्षेत्र को 25 सेक्टर में बांटा गया है
  • संगम तट से 12 किमी की लंबाई के घाट होंगे
  • 1850 हेक्टेयर में पार्किंग की व्यवसथा होगी
  • नदी पार आने-जाने के लिए पीपो के 30 पुल बन रहे हैं
  • 67,000 स्ट्रीट लाइट लगाई जा रही है
  • मेला क्षेत्र में 1,50,000 शौचालय भी बनाए जा रहे है
  • महाकुंभ में 13 आखाड़ों  आगमन हो रहा है कई आखाड़ों का नगर प्रवेश भी हो चुका है. महाकुंभ के तैयारियां ऐसी हैं कि विकास ना सिर्फ संगम तट के किनारे बल्कि पूरे प्रयागराज में किया जा रहा है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सड़कें, चौराहे, और बिजली के खंभों से लेकर हर चीज को दुरूस्त करने की कवायद चल रही है..जिससे कुंभ में आने-जाने वालों को असुविधा न हो… प्रयागराज में 2019 में अर्धकुंभ का आयोजन हुआ था.. जिसका नाम सरकार ने कुंभ कर दिया और इस बार 12 साल में लगने वाला महाकुंभ लगने जा रहा है। आए एक नजर डाल लेते हैं महाकुंभ में होने वाले पवित्र स्नान और शाही स्नान पर..

इन तारीखों को प्रमुख स्नान, शाही स्नान

  • 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा पर स्नान होगा
  • 14 जनवरी को मंकर संक्राति का शाही स्नान होगा
  • 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर शाही स्नान होगा
  • 3 फरवरी को बसंत पचंमी के मौके पर भी एक शाही स्नान होगा 1
  • 12 फरवरी को माघी पूर्णिमा स्नान होगा
  • 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के मौके पर आखिरी शाही स्नान

हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार प्रयागराज का संगम सबसे पवित्र माना जाता है। प्रयागराज में गंगा, यमुना और सरस्वती नदी का संगम है। प्रयागराज के संगम में गंगा, सरस्वती और यमुना के मिलन का नजारा देखते ही बनता है। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि महाकुंभ कुंभ और अर्ध कुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम में स्नान करने से श्रध्दालु को मोक्ष की प्राप्ति होती है। पापों से छुटकारा मिल जाता है। महाकुंभ के दौरान शाही स्नान को महत्वपूर्ण स्नान माना जाता है।शाही स्नान के लिए साधु-संत अधिक संख्या में स्नान करने के लिए पहुंचते हैं। महाकुंभ में साधु और संत का स्नान सम्मान के साथ कराया जाता है। इसी वजह से इसे शाही स्नान कहा गया है। साधु और संत के बाद श्रद्धालु त्रिवेणी में स्नान करते हैं।

आज का राशिफल: 1 अप्रैल को इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत! (पूरी लिस्ट देखें)

Illegal Parking Action: नागरिक अस्पताल के बाहर अवैध पार्किंग पर प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया

Illegal Parking Action: अस्पताल के बाहर अवैध अतिक्रमण हटाया, दर्जनों वाहनों के

CPR Rescue: भोपाल पुलिस बनी ‘देवदूत’ युवक को अचानक दिल का दौरा पड़ा, जवानों ने CPR देकर बचाई जान

CPR Rescue: पुलिस कमिश्नर कार्यालय में अचानक बिगड़ी तबीयत, मचा हड़कंप CPR

Keshav Negi: केशव नेगी पर पुलिस कार्रवाई, उत्तराखंड में रोष, राजनीतिक हलचल

Keshav Negi: दिल्ली होटल आग मामले में केशव नेगी पर कार्रवाई से

Kanchi Dham Mela: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शटल सेवा और विशेष व्यवस्थाएं

Kanchi Dham Mela: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शटल सेवा की व्यवस्था

Delhi INDIA Block Meeting Strategy: केंद्र के खिलाफ ‘INDIA’ गठबंधन ने कसी कमर, AAP और DMK ने बनाई दूरी

Delhi INDIA Block Meeting Strategy कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में जुटा विपक्ष: 22 दलों