नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए डिप्टी गवर्नर के रूप में पूनम गुप्ता की नियुक्ति की गई है। सरकार ने उन्हें तीन साल की अवधि के लिए इस पद पर नियुक्त किया है। यह निर्णय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) द्वारा लिया गया है।
आरबीआई के पूर्व डिप्टी गवर्नर एमडी पात्रा के जनवरी में सेवानिवृत्त होने के बाद यह पद खाली था। पूनम गुप्ता की नियुक्ति उनकी सेवा के प्रारंभ होने की तारीख से प्रभावी होगी।
पूनम गुप्ता का परिचय:
पूनम गुप्ता वर्तमान में राष्ट्रीय परिषद् (NCAER) की महानिदेशक हैं, जो भारत का सबसे बड़ा आर्थिक नीति शोध संस्थान है। इसके अलावा, वे प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य भी हैं और 16वें वित्त आयोग की सलाहकार परिषद की संयोजक के रूप में कार्यरत हैं।
NCAER से जुड़ने से पहले, उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक (World Bank) में लगभग दो दशकों तक वरिष्ठ पदों पर कार्य किया। उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड और भारतीय सांख्यिकी संस्थान (ISI), दिल्ली में अध्यापन कार्य भी किया है।
शिक्षा और शोध कार्य:
पूनम गुप्ता ने यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड, अमेरिका से अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री और पीएचडी प्राप्त की है।
उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, दिल्ली विश्वविद्यालय से भी अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री हासिल की है।
उन्हें 1998 में अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र में पीएचडी शोध के लिए EXIM बैंक पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
इसके अलावा, उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी (NIPFP) में आरबीआई चेयर प्रोफेसर और भारतीय अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंध अनुसंधान परिषद (ICRIER) में प्रोफेसर के रूप में भी कार्य किया है।
आरबीआई में नई भूमिका:
आरबीआई के डिप्टी गवर्नर के रूप में, पूनम गुप्ता मौद्रिक नीति, बैंकिंग नियमन, विदेशी मुद्रा प्रबंधन और वित्तीय स्थिरता से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगी।
उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारतीय अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों से गुजर रही है, जिसमें मुद्रास्फीति नियंत्रण, आर्थिक विकास को संतुलित बनाए रखना और वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करना शामिल है। उनकी विशेषज्ञता और अनुभव से भारतीय रिजर्व बैंक को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।