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Gen Z political impact India : सभी दलों की GEN-Z पर नजर, 2029 में कितना सियासी असर ?

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NEET आंदोलन से उभरी GEN-Z की ताकत, क्या 2029 में बदलेगी भारतीय राजनीति?

Gen Z political impact India : नई दिल्ली, नीट पेपर लीक के बाद छात्रों के आन्दोलन ने GENZ को एक नई पहचान और ताकत के रूप में सामने रखा है | और ये माना जा रहा है कि जनरेशन Z 2029 तक भारत का सबसे शक्तिशाली मतदाता समूह बन सकती है। देश में 2029 के आम चुनाव होंगे, तब तक जेनरेशन जेड देश की सबसे बड़ी वयस्क पीढ़ी बन चुकी होगी, जिससे यह एक ऐसी चुनावी ताकत बन जाएगी जिसे कोई भी राजनीतिक दल नजरअंदाज नहीं कर सकता।

Gen Z political impact India : सभी दलों की GEN-Z पर नजर, 2029 में कितना सियासी असर ?

छात्रों के विरोध प्रदर्शनों की लहर, जिसके परिणामस्वरूप केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा, ने एक राजनीतिक वास्तविकता को और मजबूत कर दिया है जिसे सरकारें अब नजरअंदाज नहीं कर सकतीं: भारत की जेनरेशन जेड देश के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक समूहों में से एक के रूप में उभर रही है। ऐसे में देश की ताकत बनते GENZ देश के विकास और आने वाले समय में कितनी मतवपूर्ण भूमिका निभाएंगे और राजनितिक परिवेश की कितनी बदलेगी तस्वीर ?

Gen Z political impact India : 2029 तक GEN-Z की संख्या लगभग 38 करोड़ होने का अनुमान

NEET-UG परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के विरोध में शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन जल्द ही पारदर्शिता, जवाबदेही और भारत की शिक्षा प्रणाली के भविष्य पर एक व्यापक चर्चा में तब्दील हो गया। इस आंदोलन ने यह भी उजागर किया कि डिजिटल रूप से तेजी से जुड़ चुके युवा भारतीय किस प्रकार राष्ट्रीय विमर्श को आकार दे सकते हैं और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं को प्रभावित कर सकते हैं। ये विरोध प्रदर्शन एक बहुत बड़े राजनीतिक बदलाव की झलक साबित हो सकते हैं। 2029 के आम चुनाव तक, जेनरेशन Z देश की सबसे बड़ी वयस्क पीढ़ी बन चुकी होगी, जिससे यह एक ऐसी चुनावी ताकत बन जाएगी जिसे कोई भी राजनीतिक दल नजरअंदाज नहीं कर सकता।

Gen Z political impact India : 2029 में GENZ की भूमिका

•भारत की सबसे बड़ी वयस्क पीढ़ी 2029 तक, 18 से 32 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों से मिलकर बनी पीढ़ी
•GENZ की संख्या लगभग 38 करोड़ होने का अनुमान है, जिसमें लगभग 19 करोड़ पुरुष और
•18 करोड़ महिलाएं शामिल होंगी, इससे यह भारत की सबसे बड़ी वयस्क पीढ़ी बन जाएगी
•जो मिलेनियल्स को पीछे छोड़ देगी, जिनकी अनुमानित जनसंख्या लगभग 35 करोड़ है
•जनरेशन Z देश में छात्रों, पहली बार मतदान करने वालों, शुरुआती पेशेवर लोगों और
•युवा परिवारों का सबसे बड़ा समूह होगा, इसलिए रोजगार, शिक्षा, सामर्थ्य, आवास, जलवायु परिवर्तन और
•शासन जैसे मुद्दे राजनीतिक रूप से और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाएंगे

इतना ही नहीं के उनके पीछे एक और भी बड़ी पीढ़ी ‘जेनरेशन अल्फा’ खड़ी है। हालांकि 2029 में इसके सदस्य मतदान की आयु से कम होंगे, लेकिन इनकी संख्या 417 मिलियन से अधिक होने का अनुमान है, जिससे यह भारत की सबसे बड़ी पीढ़ी बन जाएगी। एक आंकड़ों पर नजर डाले तो….

Gen Z political impact India : GEN-Z भारत की सबसे युवा पीढ़ी

• 1988 में भारत की मतदान योग्य आबादी में 18 से 29 वर्ष की आयु के लोगों की हिस्सेदारी
• 38.3 प्रतिशत थी, 2024 तक यह हिस्सेदारी घटकर 30.1 प्रतिशत हो गई

• संयुक्त राष्ट्र के औसत अनुमानों के अनुसार, 2029 तक यह और घटकर 27.8 प्रतिशत हो जाएगी
• इस दशक के अंत तक लगभग हर चार योग्य मतदाताओं में से एक मतदाता 18-29 आयु वर्ग का होगा
• लेकिन मात्र संख्यात्मक हिस्सेदारी ही राजनीतिक प्रभाव का निर्धारण नहीं करती पीढ़ी दर पीढ़ी


• अपनी संख्या के साथ-साथ अभूतपूर्व डिजिटल कनेक्टिविटी, उच्च शिक्षा की आकांक्षाओं और
• सोशल मीडिया के माध्यम से तेजी से एकजुट होने की क्षमता का संगम है।
• हाल के छात्र विरोध प्रदर्शनों ने यह प्रदर्शित किया कि युवाओं को प्रभावित करने वाले मुद्दे
• कितनी जल्दी राष्ट्रीय राजनीतिक एजेंडा पर हावी हो सकते हैं


• जेनरेशन जेड ऐसे समय में वयस्कता में प्रवेश कर रही है जब वह देश की सबसे बड़ी
• वयस्क पीढ़ी बन रही है, जो डिजिटल रूप से सबसे अधिक जुड़ी हुई है और
• राजनीतिक रूप से सबसे अधिक जागरूक है

दिल्ली के जंतर-मंतर पर जेन-जी के सफल आंदोलन के बाद देशभर में इनकी चर्चा है. इनकी मांग पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा. इस बीच तेलंगाना से एक खबर आई है. वहां की सरकार ने चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र घटाकर 21 वर्ष करने का प्रस्ताव रखा है. वह जेन-जी को लक्ष्य कर यह नियम बनाना चाहती है. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या 2029 के लोकसभा चुनाव में जेन-जी के भी उम्मीदवार देखने को मिलेंगे.

Gen Z political impact India : NEET पर छात्रों का आंदोलन, कितना बदलेंगे सियासी समीकरण ?

तेलंगाना सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए कहा, कि अब चुनाव लड़ने की उम्र घटाकर 21 वर्ष कर देनी चाहिए. अगर ऐसा होता है तो 2029 के लोकसभा चुनाव में जेन-जी के कई युवा मैदान में उतरने के योग्य हो जाएंगे. अब 18 साल वाले ये जेन-जी 2029 तक 21 साल के हो जाएंगे. हालांकि, यह केवल एक प्रस्ताव है. इसके लिए केंद्र सरकार को कई कानूनी और संवैधानिक कदम उठाने पड़ेंगे. लेकिन, यह बहस अब राष्ट्रीय स्तर पर शुरू हो चुकी है.

Gen Z political impact India : पीएम की युवाओं से अपील, सही रास्ते पर चलने की नसीहत

इधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Gen-Z (युवाओं) के नाम जारी अपने वीडियो संदेश में जंतर-मंतर विवाद और प्रदर्शनों के दौरान हुई तीखी टिप्पणियों पर बड़ा दिल दिखाते हुए युवाओं को माफ करने और समाज से उन्हें सही रास्ता दिखाने की अपील की है।

Gen Z political impact India : 2029 तक GEN-Z भारत की सबसे बड़ी वयस्क पीढ़ी बनेगी

आमतौर पर 1997 से 2012 के बीच जन्मे लोगों को जेन-जी कहा जाता है. यही पीढ़ी अब कॉलेजों, नौकरियों, स्टार्टअप और डिजिटल दुनिया में सबसे सक्रिय मानी जाती है. उम्र कम करने का तेलंगाना सरकार के प्रस्ताव पर बहस होना तय है….यदि केंद्र सरकार इस दिशा में आगे बढ़ती है, तो 2029 का लोकसभा चुनाव भारतीय लोकतंत्र में एक बड़ा बदलाव लेकर आ सकता है… लेकिन एक बात तो तय है GENZ आज देश की ताकत और आवाज़ दोनों बन रहे है और ऐसे ही हालत रहे तो आगामी २०२९ के चुनाव में इनकी भूमिका सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होगी |

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