,

Bhopal contaminated water : दूषित पानी की सप्लाई से बढ़ रहीं गंभीर बीमारियां, 70 % पानी के सैंपल में मल-मूत्र से जुड़े बैक्टीरिया

- Advertisement -
Ad imageAd image
भोपाल में दूषित पानी का खतरा: 70% सैंपलों में फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया मिलने का दावा

Bhopal contaminated water : भोपाल गैस त्रासदी को चार दशक से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री का साया आज भी कई इलाकों पर मंडरा रहा है। फैक्ट्री परिसर और आसपास के क्षेत्र में जहरीले रसायनों से भूजल के दूषित होने की आशंकाएं लंबे समय से उठती रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दूषित पानी के इस्तेमाल से कैंसर, किडनी, लिवर, त्वचा और अन्य गंभीर बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं। इस बीच भोपाल में यूनियन कार्बाइड गैस त्रासदी पीड़ितों के चार संगठनों ने एक बड़ा खुलासा किया है…

Bhopal contaminated water : यूका के पास जहरीला पानी, खतरे में जिंदगानी

संगठनों ने शहर में सप्लाई किए जा रहे पेयजल को लेकर गंभीर आरोप लगाए..संगठनों का दावा है कि भोपाल नगर निगम कार्बाइड फैक्ट्री के आसपास के इलाकों में सीवेज से दूषित पानी की आपूर्ति कर रहा है…जिससे इंदौर के भागीरथपुरा जैसी स्थिति बनने का खतरा पैदा हो गया है…संगठनों ने प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की जांच कराई, जिसकी रिपोर्ट भी सार्वजनिक की…रिपोर्ट के मुताबिक जांचे गए पानी के करीब 70 प्रतिशत नमूनों में फीकल कोलीफॉर्म मल से जुड़े बैक्टीरिया पाए गए…इससे साफ है कि इन इलाकों में बड़ी मात्रा में मल से दूषित पानी लोगों तक पहुंच रहा है..

Bhopal contaminated water : दूषित जल बना मुसीबत, जिंदगी पर बड़ी आफत, दूषित पानी की समस्या का स्थायी समाधान कब ?

संगठनों का आरोप है कि यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से सटे इलाकों के लोग लंबे समय से सीवेज से दूषित पानी पीने को मजबूर हैं…इसके कारण दस्त, उल्टी, टाइफाइड समेत जलजनित बीमारियों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं…सवाल यह है कि आखिर जहरीले कचरे और दूषित पानी की समस्या का स्थायी समाधान कब होगा ? और वर्षों बाद भी इस पर्यावरणीय संकट की जिम्मेदारी कौन तय करेगा ?

Bhopal contaminated water : यूका के पास दूषित पानी, बढ़ रहीं गंभीर बीमारियां

• शहर में सप्लाई किए जा रहे पेयजल को लेकर गैस त्रासदी पीड़ितों के संगठनों के गंभीर आरोप।
• कार्बाइड फैक्ट्री के आसपास के इलाकों में सीवेज से दूषित पानी की आपूर्ति कर रहा है नगर निगम।
• संगठनों ने प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की जांच कराई, जिसकी रिपोर्ट भी सार्वजनिक की।
• जांचे गए पानी के करीब 70 प्रतिशत नमूनों में फीकल कोलीफॉर्म (मल से जुड़े बैक्टीरिया) पाए गए।
• जुलाई में 30 बस्तियों के नलों से 63 पानी के नमूने एकत्र किए, 43 नमूनों में फीकल कोलीफॉर्म की पुष्टि।
• मतलब 30 में से 19 क्षेत्रों में लोगों को दूषित पेयजल मिल रहा है।

Bhopal contaminated water

• बड़ा तालाब से सप्लाई पानी में 90, कोलार डैम से सप्लाई पानी में 25 प्रतिशत नमूने भी जांच में दूषित।
• यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से सटे इलाकों के लोग लंबे समय से सीवेज से दूषित पानी पीने को मजबूर।
• दूषित पेयजल से दस्त, उल्टी, टाइफाइड समेत जलजनित बीमारियों के मामले लगातार बढ़ रहे।
• कई परिवार एक साथ बीमार पड़ रहे, निजी क्लीनिकों में टाइफाइड के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही।
• साल 2004 में SC ने माना था कि यूका के जहरीले कचरे से यहां का भूजल जहरीले रसायनों से प्रदूषित।

Bhopal contaminated water

• कोर्ट ने प्रभावित क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाकर लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के दिए थे निर्देश।
• 8 साल से शिकायत, नहीं बिछी सीवर लाइन, प्रभावित क्षेत्रों में बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था के हैं आदेश।
• निगम ने 3 महीने में काम पूरा करने का दिया था आश्वासन, 8 साल बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

Katihar Crime News: कटिहार में पंजाब के दो संदिग्ध गिरफ्तार, हथियार और 22 कारतूस बरामद

संवाददाता: मनोज कुमार Katihar Crime News: बिहार के कटिहार जिले में पुलिस

Platelet Donation: आगाज़ संस्था के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने 11 दिन में दूसरी बार किया प्लेटलेट्स दान

Report: Prem Shrivastva Platelet Donation सामाजिक संस्था ‘आगाज़’ के संस्थापक अध्यक्ष इंद्रजीत

School Liquor Party: स्कूल में शराब पार्टी का वीडियो वायरल, दो शिक्षकों पर गंभीर आरोप

School Liquor Party को लेकर छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक चौंकाने

Top 10 Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें, पढ़ें आज की सभी अहम अपडेट

Top 10 Chhattisgarh News: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुनी 'मन की बात'