गाजा में भुखमरी से बिगड़े हालात: एक महीने में कई बच्चों की मौत, यूएन की चेतावनी

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गाजा में भुखमरी से बिगड़े हालात: एक महीने में कई बच्चों की मौत, यूएन की चेतावनी

गाजा एक भीषण मानवीय संकट से गुजर रहा है। इजरायल की नाकेबंदी और सीमित आपूर्ति के चलते गाजा में भोजन और दवाओं की भारी किल्लत हो गई है। इसका सबसे बड़ा असर बच्चों और महिलाओं पर देखने को मिल रहा है। बीते एक महीने में कई मासूमों ने इलाज और पोषण के अभाव में दम तोड़ दिया है।


बच्चों की मौतों का बढ़ता आंकड़ा

  • गाजा सिटी के “पेशेंट्स फ्रेंड्स हॉस्पिटल” में हालात बेहद नाजुक हैं।
  • पिछले हफ्ते मात्र चार दिनों में 5 बच्चों की मौत भुखमरी के कारण हुई।
  • स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले तीन हफ्तों में 48 लोगों की जान गई है, जिनमें 20 बच्चे शामिल हैं।
  • यूनाइटेड नेशंस (UN) के मुताबिक 2025 में अब तक भुखमरी से 21 बच्चों की मौत हो चुकी है।

डॉक्टरों की बेबसी: दवा और पोषण दोनों की कमी

डॉ. राना सोबोह, जो हॉस्पिटल की न्यूट्रिशनिस्ट हैं, ने बताया:

“बच्चे इतने कमजोर हो गए हैं कि न रो सकते हैं, न हिल सकते हैं। उनके पास जीने की ताकत ही नहीं बची है।”

  • अस्पताल में रोजाना 200–300 बच्चे इलाज के लिए आ रहे हैं।
  • पोषण की भारी कमी और दवाओं के अभाव में कई बच्चों की हालत गंभीर हो जाती है।
  • दो नर्सों को भी ड्रिप चढ़ानी पड़ी क्योंकि वे भूख से बेहाल थीं।

दिल दहला देने वाली कहानी: 4.5 साल की सिवर की मौत

  • सिवर नाम की बच्ची को शरीर में पोटैशियम की भारी कमी थी।
  • दवा न मिलने की वजह से ICU में भर्ती होने के तीन दिन बाद उसकी मौत हो गई।
  • बाकी 4 बच्चों की मौत गैस्ट्रिक अरेस्ट (पेट की बीमारी) से हुई क्योंकि उन्हें सही भोजन नहीं मिल पाया।

वयस्क भी चपेट में: परिवारों की व्यथा

  • रिफ्यूजी कैंप में रहने वाला दो साल का यजान अबू फुल भी गंभीर रूप से कुपोषित है।
  • उसकी मां नईमा बताती हैं कि उन्होंने 9 डॉलर के दो बैंगन खरीदकर कई दिन उबालकर गुजारे।
  • उसके पिता महमूद ने कहा:

“डॉक्टर कहते हैं खाना दो, लेकिन हम कहां से लाएं? बच्चा हमारे हाथों से फिसलता जा रहा है।”

  • शिफा हॉस्पिटल के निदेशक ने बताया कि गुरुवार को दो वयस्कों की मौत भुखमरी से हुई।

इजरायल की नाकेबंदी और सहायता में रुकावट

  • मार्च से इजरायल ने गाजा में खाद्य सामग्री, दवा और ईंधन की आपूर्ति बंद कर दी थी।
  • मई में थोड़ी राहत दी गई, लेकिन आज भी सिर्फ 69 ट्रक ही रोजाना आ रहे हैं जबकि जरूरत 500-600 ट्रकों की है।
  • इजरायल का दावा है कि हमास सहायता लूटता है, लेकिन UN और एनजीओ इसे गलत बताते हैं।

यूएन की चेतावनी: अगर कुछ नहीं बदला तो हालात होंगे और भयानक

डॉ. जॉन कहलर, मेडग्लोबल के को-फाउंडर ने कहा:

“गाजा में भुखमरी से मौतों का सिलसिला शुरू हो चुका है। अगर मदद नहीं पहुंची तो यह संकट और भयावह हो सकता है।”


क्या दुनिया देखती रहेगी?

गाजा में भुखमरी अब मानवीय त्रासदी बन चुकी है। बच्चों की मौतें, अस्पतालों की बेबसी और लोगों की भूख—यह सब एक वैश्विक अपील की मांग करता है। अगर जल्द मदद नहीं पहुंचाई गई, तो आने वाले दिनों में यह संकट और अधिक भयानक रूप ले सकता है।

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