ऋषिकेश: हिमालय की गोद में बहती पवित्र गंगा के तट पर आज “गंगा सस्टेनेबिलिटी रन : ऋषिकेश 2025” का चौथा संस्करण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। एम्स मैदान से शुरू हुई यह दौड़ “Run for the River, Run for the Planet” संदेश के साथ आयोजित की गई।
इस भव्य आयोजन में देश-विदेश से हजारों धावकों ने भाग लिया और गंगा स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वस्थ जीवनशैली का संदेश फैलाया। कार्यक्रम का शुभारंभ पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज के आशीर्वाद से हुआ। डॉ. राकेश मिश्र ने प्रातः धावकों को ध्वज दिखाकर रवाना किया।
प्रतियोगिता की श्रेणियाँ:
- 50 किमी
- 35 किमी
- 21.1 किमी (हाफ मैराथन)
- 10 किमी
धावकों ने गंगा तटवर्ती मार्ग, हिमालयी जंगलों, झरनों और पहाड़ी प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर मार्ग का आनंद लिया।
अंतरराष्ट्रीय मान्यता:
यह दौड़ AFI, World Athletics, AIMS से अनुमोदित और RRCA प्रमाणित रेस डायरेक्टर द्वारा आयोजित की गई। दौड़ के अंत में सभी प्रतिभागियों ने पवित्र गंगा में स्नान का अनुभव प्राप्त किया।
योग, आध्यात्म और पर्यावरण का संगम:
सभी धावक शनिवार सायं परमार्थ निकेतन पहुँचे और स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज के सानिध्य में गंगा आरती में सहभागी बने।
मुख्य सहयोग एवं आयोजन:
पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास, सतना (म.प्र.) ने मुख्य सहयोग दिया। आयोजनकर्ता विवेकानंद यूथ कनेक्ट फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. राजेश सर्वज्ञ ने गंगा स्वच्छता एवं पर्यावरण चेतना फैलाने का बीड़ा उठाया।
संदेश और प्रेरणा:
डॉ. राकेश मिश्र ने कहा: “हर खिलाड़ी जब गंगा तट पर दौड़ता है, वह केवल मैडल नहीं जीतता, बल्कि धरती को बचाने की दौड़ में एक कदम आगे बढ़ाता है।”
सम्मान:
मैराथन के समापन पर परमार्थ निकेतन में सभी प्रतिभागियों को मैडल एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। पूरा आयोजन शांतिपूर्ण, प्रेरणादायी और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।






