रिपोर्ट: सुरेंद्र सिंह राजपूत
मध्यप्रदेश: की पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती ने एक यात्रा मां के नाम शुरू की यात्रा का शुभारंभ 30 नवंबर से 2 दिसंबर तक गर्रोली गांव से डूंडा गांव तक निकाली जाएगी उमा भारती की मां का नाम माता बेटी बाई था वह गर्रोली गांव में जन्मी थी और उनका विवाह डूंडा गांव में हुआ था उमा भारती ने बताया मेरी मां उस समय जब कोई साधन नहीं हुआ करते थे तब मेरी मां पैदल (पगडंडी) गर्रोली से डूंडा जाया करती थी उस समय कोई साधन नहीं हुआ करते थे उन्होंने कहा कि मेरी मां शेरनी थी जो किसी से भी लड़ सकती हैं उन्होंने बताया कि मेरी मां मुझे बहुत प्यार करती थी उन्होंने गर्रोली गांव में सभा को संबोधित किया इस दौरान उन्होंने अपने राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र किया
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि ग्रामीणों लोगों ने जो शराब बंदी का फैसला जो गांव गांव लिया जा रहा हैं उससे निश्चित ही गांव की प्रगति होगी और शिक्षा का स्तर भी सुधरेगा उन्होंने महिलाओं को कहा आप शेरनी हो आप जहां भी दारू बिके वहां विरोध करिए और बेचने वाले को पुलिस के हवाले कीजिए
उमा भारती ने कहा कि गाय को बचाने के लिए गांव में सभी को गाय रखना जरूरी उसके लिए गांव में सरकार ग्वाला को नियुक्त करें और सरकार लाड़ली बहनों को गाय दे उस गाय के लिए सरकार पैसे दे जिससे गाय की सुरक्षा हो सके और लोग गाय का शुद्ध दूध निकाल सकें जिससे गाय भी बचेगी और गौपालन भी होगा लोगों की आय भी बढ़ेगी
एक यात्रा मां के नाम के दौरान पलक पांवड़े बिछाकर लोगों ने पुष्प वर्षा कर जोरदार स्वागत किया हजारों की संख्या में महिलाओं ने जोरदार स्वागत किया पहले दिन की यात्रा गर्रोली से शुरू होकर मोने का खेरा,कछया खेरा,सूरजपूरा तिगैला, इमलाना,लखेरी,कैलपुरा तिगैला, बनेरा,तालमऊ, गुखरई,मड़खरा तिगैला,बुढेरा में यात्रा का समापन किया गया यात्रा में हजारों की संख्या में उमा भारती के समर्थक और कार्यकर्ता शामिल हुए…





