BY: Yoganand Shrivastva
ब्रासीलिया: ब्राजील की सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो को 2022 के चुनाव परिणामों को पलटने की कोशिश का दोषी ठहराया है। गुरुवार को आए इस ऐतिहासिक फैसले में उन्हें 27 साल 3 महीने की कैद की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने कहा कि बोल्सोनारो लोकतांत्रिक व्यवस्था को खत्म करने की साजिश रचने वाले संगठित अपराधी नेटवर्क का नेतृत्व कर रहे थे। इस फैसले के बाद ब्राजील की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है।
कोर्ट के फैसले के प्रमुख बिंदु
- 5 जजों की बेंच में से 4 ने बोल्सोनारो को दोषी करार दिया।
- उन पर लोकतंत्र विरोधी षड्यंत्र, हिंसा भड़काने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोप साबित हुए।
- सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ब्राजील के इतिहास में पहली बार किसी पूर्व राष्ट्रपति को तख्तापलट की कोशिश के लिए दोषी ठहराने का उदाहरण बना।
- बोल्सोनारो वर्तमान में नजरबंद हैं और उन्हें इस फैसले के खिलाफ अपील का अधिकार है।
जजों के बयान और सबूत
मुख्य जज कार्मेन लूसिया ने कहा कि सबूतों से यह स्पष्ट है कि बोल्सोनारो सत्ता बनाए रखने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार थे। जस्टिस अलेक्जेंडर डी मोरेस ने सुनवाई के दौरान वीडियो फुटेज और भाषण प्रस्तुत किए, जिनमें बोल्सोनारो अपने समर्थकों को सुप्रीम कोर्ट को चुनौती देने के लिए उकसाते नजर आए। कोर्ट ने 8 जनवरी 2023 को सुप्रीम कोर्ट मुख्यालय में हुई तोड़फोड़ की फुटेज भी देखी।
आरोप और राजनीतिक बयानबाजी
सरकारी वकीलों का कहना है कि बोल्सोनारो ने हथियारबंद गिरोह बनाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को हिंसक तरीके से खत्म करने की साजिश रची। मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने कहा, “बोल्सोनारो ने ब्राजील में तख्तापलट की कोशिश की, और इसके ठोस सबूत मौजूद हैं।” हालांकि, जज फक्स ने असहमति जताई और कहा कि केवल विचारों के आधार पर किसी को दोषी ठहराना खतरनाक है।
परिवार और समर्थकों की प्रतिक्रिया
फैसले के बाद बोल्सोनारो के बेटे फ्लावियो ने इसे “न्याय का अपमान” कहा, जबकि उनके छोटे बेटे एडुआर्डो ने संसद के माध्यम से माफी की मांग की। पूर्व प्रथम महिला मिशेल बोल्सोनारो ने सोशल मीडिया पर लिखा, “ईश्वर सब देखता है और सच्चा न्याय वही करेगा।”
अंतरराष्ट्रीय विवाद और अमेरिकी प्रतिक्रिया
फैसले के बाद ब्राजील की जनता दो गुटों में बंट गई है। विरोधियों ने फैसले का स्वागत किया, वहीं समर्थकों ने इसे राजनीतिक साजिश बताया। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी फैसले पर नाराजगी जताई और ब्राजील से आयात पर भारी टैक्स लगाने की चेतावनी दी।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस सजा से ब्राजील-अमेरिका संबंधों में तनाव बढ़ सकता है। बोल्सोनारो पहले ही 2030 तक चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहराए जा चुके हैं, लेकिन माना जा रहा है कि वह अगले साल के चुनाव में किसी करीबी उम्मीदवार को मैदान में उतार सकते हैं।
असर और भविष्य की राजनीति
इस ऐतिहासिक फैसले ने ब्राजील की राजनीति को हिला कर रख दिया है। बोल्सोनारो के समर्थक इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे लोकतंत्र की जीत कह रहा है। आने वाले दिनों में यह मामला अंतरराष्ट्रीय राजनीति और ब्राजील के चुनावी माहौल दोनों पर गहरा असर डाल सकता है।





