चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर, मगर हौसला कायम: फखर जमान की कहानी

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
फखर जमान

पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज फखर जमान ने 2025 चैंपियंस ट्रॉफी से अपनी टीम के बाहर होने के बाद सन्यास की अफवाहों को खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह क्रिकेट से सन्यास नहीं ले रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उनकी वापसी में थोड़ा समय लग सकता है।

फखर जमान

फखर को टूर्नामेंट के पहले मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलते समय पीठ के निचले हिस्से में चोट लग गई थी। यह चोट उन्हें तब लगी जब वह सीमा रेखा पर गेंद रोकने की कोशिश कर रहे थे। उस मैच में उन्होंने दर्द के बावजूद 41 गेंदों में 24 रन बनाए, लेकिन उनकी परेशानी साफ नजर आ रही थी।

पीसीबी डिजिटल को दिए एक साक्षात्कार में फखर ने कहा (ईएसपीएनक्रिकइन्फो के हवाले से):

“मैंने भी सन्यास की अफवाहें सुनीं और दोस्तों से इसके बारे में संदेश भी मिले, लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है। वनडे मेरा पसंदीदा प्रारूप है। हां, थायरॉइड की समस्या के कारण वापसी में थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन मैं टी20, वनडे और टेस्ट फिर से खेलने के लिए उत्साहित हूं। डॉक्टर से सलाह के बाद, मैं एक महीने में क्रिकेट शुरू कर सकूंगा।”

फखर ने बताया कि वह 2017 चैंपियंस ट्रॉफी की तरह इस बार भी शानदार प्रदर्शन करना चाहते थे, जहां उन्होंने फाइनल में भारत के खिलाफ 114 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई थी। हालांकि, इस बार चीजें उनके पक्ष में नहीं रहीं।

उन्होंने आधुनिक क्रिकेट में जोखिम लेने की अहमियत पर जोर देते हुए कहा:

“यह स्थिति पर निर्भर करता है। 150-200 रनों का पीछा करने और 350 रनों का पीछा करने का तरीका अलग होता है। लेकिन आज के तेज क्रिकेट में स्ट्राइक रेट बहुत मायने रखता है। आपको जोखिम उठाना पड़ता है, क्योंकि सभी टीमें इसी तरह खेलती हैं। जोखिम लेने से रन बनते हैं, लेकिन विकेट खोने का खतरा भी रहता है।”

पाकिस्तान अब टूर्नामेंट से बाहर हो चुका है और उसका अंतिम ग्रुप मैच बांग्लादेश के खिलाफ गुरुवार को खेला जाएगा।

इसे कहते हैं..महादेव का न्याय

CG TOP 10 : कोरबा, रायगढ़, सरगुजा और रायपुर की बड़ी घटनाएं एक नजर में

CG TOP 10 : 1 कुत्ते काटने से परेशान युवक ने फांसी

Harappan Civilization : सिंधु (हड़प्पा) सभ्यता पर भारत और पाकिस्तान के अलग नजरिए

Harappan Civilization : दुनिया की सबसे रहस्यमयी सभ्यताओं में क्यों शामिल है

Emergency 1975 : आपातकाल का सच, यदि वो कठोर कदम न उठता, तो क्या होता?

Emergency 1975 : आपातकाल की पृष्ठभूमि और उस दौर की चुनौतियां (डॉ