by: vijay nandan
EthiopiaParliament: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब इथियोपिया की संसद को संबोधित करने के लिए खड़े हुए, तो सभागार देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। इस दौरान पीएम मोदी को इथियोपिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया’ से भी सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री ने यह सम्मान हाथ जोड़कर विनम्रता के साथ स्वीकार करते हुए कहा कि यह उनका नहीं, बल्कि भारत के 140 करोड़ नागरिकों का सम्मान है।
#WATCH | Addis Ababa | PM Modi emplanes for Oman after concluding his State visit to Ethiopia
— ANI (@ANI) December 17, 2025
(Video source: ANI/DD) pic.twitter.com/wux8flxNIH
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भारत और इथियोपिया के बीच सदियों पुराने संबंधों को याद किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों में सिर्फ मौसम ही नहीं, बल्कि भावनाओं में भी गर्मजोशी है। लगभग दो हजार वर्ष पहले हमारे पूर्वजों ने समुद्रों के रास्ते संपर्क स्थापित किए थे। उस समय व्यापारी मसाले, सोना और अन्य वस्तुएं लेकर हिंद महासागर के पार आते-जाते थे, लेकिन साथ ही विचारों, परंपराओं और जीवनशैली का भी आदान-प्रदान होता था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अदीस और भारत के प्राचीन बंदरगाह केवल व्यापारिक केंद्र नहीं थे, बल्कि सभ्यताओं को जोड़ने वाले सेतु थे। आज के दौर में भारत और इथियोपिया के रिश्ते एक नए चरण में प्रवेश कर चुके हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 1941 में भारतीय सैनिकों ने इथियोपिया की आजादी के संघर्ष में स्थानीय लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ी थी।
EthiopiaParliament: ‘वंदे मातरम्’ और इथियोपिया के राष्ट्रगान की समान भावना
पीएम मोदी ने अपने भाषण में दोनों देशों की सांस्कृतिक समानताओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत का राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ और इथियोपिया का राष्ट्रगान, दोनों ही अपनी मातृभूमि को मां के रूप में सम्मान देते हैं। ये गीत नागरिकों को अपनी विरासत, संस्कृति और भूमि की रक्षा के लिए प्रेरित करते हैं।
EthiopiaParliament: स्टैंडिंग ओवेशन के साथ संसद में स्वागत, 1 मिनट का बजती रही तालियां
#WATCH | Addis Ababa | PM Narendra Modi recieved a standing ovation and applause from the Ethiopian Parliament after concluding his speech pic.twitter.com/RNmCuLsIwL
— ANI (@ANI) December 17, 2025
प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद जैसी संस्थाएं लोकतंत्र की आत्मा होती हैं, जहां जनता की इच्छा राज्य की नीति बनती है। उन्होंने किसानों, उद्यमियों, महिलाओं और युवाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यही वर्ग देश के भविष्य को आकार देता है। पीएम मोदी का यह संबोधन न केवल कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि भारत-इथियोपिया के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और मानवीय संबंधों की गहराई को भी दर्शाता है।
इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद ने प्रधानमंत्री मोदी को अपनी कार में हवाई अड्डे तक पहुंचाया और ओमान के लिए रवाना होते समय उन्हें व्यक्तिगत रूप से विदाई दी।






