रिपोर्टर: रवि सिंह
इटावा, उत्तर प्रदेश – इटावा जिले में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अंशू चौहान ढेर हो गया। उसके साथी संजय तिवारी को भी दबोच लिया गया। यह वही आरोपी हैं, जिन्होंने 11 सितंबर को वन विभाग के डिप्टी रेंजर भानु प्रताप यादव पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया था।
कैसे हुई मुठभेड़
घटना बकेवर–लवेदी थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, आरोपी अंशू चौहान और उसका साथी संजय तिवारी व्हाइट नेक्सन कार से फरार हो रहे थे। पुलिस ने लखना–चकरनगर मार्ग पर घेराबंदी की तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोलियों से अंशू चौहान के पैर में गोली लगी और कार अनियंत्रित होकर आम के पेड़ से टकरा गई।
पुलिस अधिकारी भी घायल
इस मुठभेड़ में थाना प्रभारी बकेवर विपिन कुमार भी घायल हो गए। पुलिस ने मौके से दो तमंचे, कई कारतूस और कार बरामद की है। घायल हिस्ट्रीशीटर को महेवा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
मौके पर पहुंचे अधिकारी
घटना की जानकारी मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शचंद्र और सीओ भरथना अतुल प्रधान मौके पर पहुंचे और पूरी जांच पड़ताल की। इटावा एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस लगातार अपराधियों के खिलाफ अभियान चला रही है और ऐसे अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।





