नई दिल्ली | 31 मई 2025 – अब पत्रकारिता में करियर बनाने वाले छात्रों के लिए खुशखबरी है। दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने घोषणा की है कि वह 2025-26 शैक्षणिक सत्र से हिंदी पत्रकारिता में मास्टर डिग्री (MA) का नया पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है।
यह प्रस्ताव शुक्रवार को हुई DU की स्टैंडिंग कमेटी ऑन एकेडमिक मैटर्स (SCOAM) की बैठक में पारित किया गया। अब यह प्रस्ताव विश्वविद्यालय की अकादमिक काउंसिल के पास अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
क्यों खास है यह नया MA पाठ्यक्रम?
- यह कार्यक्रम हिंदी विभाग के अंतर्गत संचालित होगा।
- इसका उद्देश्य छात्रों को डिजिटल मीडिया, टीवी, प्रिंट और रेडियो पत्रकारिता की गहराई से जानकारी देना है।
- पाठ्यक्रम को Postgraduate Curriculum Framework (PGCF) के तहत डिजाइन किया गया है।
अंग्रेज़ी पत्रकारिता में भी मास्टर डिग्री जल्द
कमेटी सदस्य राम किशोर यादव ने जानकारी दी कि:
“हिंदी माध्यम का यह पत्रकारिता कोर्स 2025 से शुरू होगा, जबकि अंग्रेज़ी माध्यम में पत्रकारिता का मास्टर कोर्स 2026-27 से आरंभ किया जाएगा।”
बैठक में और क्या हुआ?
इस बैठक में सिर्फ पत्रकारिता नहीं, बल्कि अन्य कई विषयों के पाठ्यक्रमों पर भी चर्चा हुई:
स्नातक (UG) स्तर पर:
- सातवें और आठवें सेमेस्टर के सिलेबस को अंतिम रूप दिया गया।
- BA एजुकेशन, BA (ऑनर्स और प्रोग्राम) हिंदुस्तानी म्यूज़िक, और जियोग्राफी जैसे विभागों के चौथे साल के पाठ्यक्रम को मंजूरी मिली।
- ये सभी पाठ्यक्रम Undergraduate Curriculum Framework (UGCF) के तहत हैं।
परास्नातक (PG) स्तर पर:
- दर्शनशास्त्र, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, गणित और जियोग्राफी जैसे विषयों के सिलेबस की समीक्षा की गई।
- अधिकांश पाठ्यक्रमों को बिना बड़े बदलाव के मंजूरी दे दी गई।
पहले भी हुई थीं बैठकें
SCOAM की यह मई महीने में चौथी बैठक थी। इससे पहले:
- 2 मई
- 6 मई
- 8 मई
को बैठकें हुई थीं, जिनमें चार वर्षीय स्नातक डिग्री कार्यक्रम के पहले बैच के लिए नए पाठ्यक्रम तैयार किए गए थे। इनमें से कई सिलेबस पहले ही अकादमिक और कार्यकारी परिषद द्वारा मंजूर किए जा चुके हैं।
छात्रों को मिलेगा करियर में नया आयाम
दिल्ली विश्वविद्यालय का यह कदम न सिर्फ पत्रकारिता क्षेत्र को मजबूती देगा, बल्कि हिंदी भाषी छात्रों को उनके मातृभाषा में उच्च शिक्षा पाने का बेहतर अवसर देगा। मीडिया इंडस्ट्री में हिंदी पत्रकारों की मांग लगातार बढ़ रही है, और यह कोर्स उस मांग को पूरा करने में मदद करेगा।
कौन-कौन से स्टूडेंट्स कर सकते हैं आवेदन?
- जिन छात्रों ने हिंदी, पत्रकारिता, जनसंचार या संबंधित विषयों में स्नातक किया है।
- जो छात्र मीडिया क्षेत्र में रिपोर्टिंग, एंकरिंग, कंटेंट क्रिएशन आदि में करियर बनाना चाहते हैं।
निष्कर्ष
दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा हिंदी पत्रकारिता में मास्टर डिग्री की शुरुआत, भाषा के प्रचार-प्रसार और स्थानीय पत्रकारिता को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे आने वाले वर्षों में हिंदी पत्रकारों की एक नई पीढ़ी तैयार होगी जो तकनीकी रूप से दक्ष और सामाजिक रूप से संवेदनशील होगी।
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