रिपोर्टर -मोहम्मद रफी खान
Dindori मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले में जनसुनवाई के दौरान एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने वहां मौजूद हर शख्स को झकझोर कर रख दिया। ग्राम चटुआ का एक पीड़ित किसान, प्रशासनिक अनदेखी और पारिवारिक जमीन विवाद से इतना हताश हो गया कि वह सामान्य तरीके से चलने के बजाय बच्चों की तरह घिसटते हुए अधिकारियों की मेज तक पहुँचा। आँखों में आँसू और दिल में आक्रोश लिए इस किसान का यह अनोखा विरोध चर्चा का विषय बना हुआ है।
सालों का इंतज़ार और राजस्व विभाग पर गंभीर आरोप
Dindori पीड़ित किसान लंबे समय से अपने ही परिवार के साथ चल रहे जमीन विवाद को लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। किसान का आरोप है कि उसने राजस्व विभाग के चक्कर काट-काटकर अपनी एड़ियां घिस दीं, लेकिन उसकी फाइल आगे नहीं बढ़ी। जनसुनवाई में बार-बार आने के बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला, तो आज उसने सिस्टम के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए घिसटकर अपनी गुहार लगाने का रास्ता चुना।
सिस्टम की बेरुखी और पीड़ित का आक्रोश
Dindori शिकायतकर्ता ने भरे गले से बताया कि राजस्व विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण उसका विवाद सुलझ नहीं पा रहा है। सालों से चल रहे इस मामले में उसे न्याय की उम्मीद खत्म होती दिख रही थी। उसका कहना है कि जब एक आम आदमी की सीधी बात नहीं सुनी जाती, तो उसे ऐसे ही मजबूर होकर अपना दुख व्यक्त करना पड़ता है।
जिला पंचायत सीईओ की संवेदनशीलता और जांच के आदेश
Dindori किसान की इस दयनीय स्थिति को देखकर जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने न केवल पीड़ित की पूरी बात सुनी, बल्कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए। सीईओ ने भरोसा दिलाया है कि जमीन विवाद के इस मामले में जल्द से जल्द कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी ताकि पीड़ित किसान को उसका हक मिल सके।





