धारावी पुलिस स्टेशन के कर्मचारियों पर रिश्वत लेने का आरोप
वायरल वीडियो ने उजागर किया मामला
मुंबई के धारावी पुलिस स्टेशन से जुड़े चार कांस्टेबलों को सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई तब हुई जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें इन कांस्टेबलों को हॉकरों से रिश्वत लेते हुए दिखाया गया था।
क्या था कांस्टेबलों का काम?
पुलिस के मुताबिक, ये कांस्टेबल धारावी पुलिस स्टेशन के पेट्रोलिंग वाहनों पर तैनात थे। उनका काम अवैध रोडसाइड ठेलों और खाने के स्टॉल पर कार्रवाई करना था। लेकिन, इन्होंने ठेले वालों से पैसे लेकर उन्हें छोड़ दिया।

वीडियो में क्या दिखा?
वायरल वीडियो में दिख रहा था कि ठेले वाले पुलिस वालों को पैसे दे रहे हैं और वे उन्हें ले रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने सीधे ठेले वालों से बात करके आरोपियों की पहचान की, क्योंकि वीडियो में उनके चेहरे साफ नहीं दिख रहे थे।
आरोपियों ने स्वीकारा अपना गुनाह
पूछताछ के बाद आरोपी कांस्टेबलों ने ठेले वालों से पैसे लेने की बात स्वीकार कर ली। आरोपी कांस्टेबलों के नाम हैं – महेंद्र पुजारी, काशीनाथ गजारे, गंगाधर खरात और अप्पासाहेब वाकचौरे।
किसने की कार्रवाई?
इन सभी को डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस जोन 5, गणेश गवाड़े ने सस्पेंड कर दिया है। कांस्टेबलों ने अपने सस्पेंशन को स्वीकार कर लिया है।
पिछले मामले भी उजागर हो चुके हैं
पिछले साल बॉम्बे हाई कोर्ट ने बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) और पुलिस पर अवैध ठेलों के मामले में नाराजगी जताई थी। जुलाई 2023 में, एमआरए मार्ग पुलिस स्टेशन के प्रभाकर तलपाडे और वैजनाथ जाधव, और एलटी मार्ग पुलिस स्टेशन के विनोद बापू वाघ को अवैध ठेलों पर कार्रवाई न करने के लिए ‘सजा’ के तौर पर कंट्रोल रूम में ट्रांसफर कर दिया गया था।
जनता की उम्मीदें
यह मामला एक बार फिर पुलिस और अवैध ठेलों के बीच की गंदी खेल को उजागर करता है। आम जनता को उम्मीद है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होगी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।




