रिपोर्टर: नफीस अहमद
आस्था और भक्ति भाव से मनाया गया
प्रयागराज के तप स्थान गुरुद्वारा पक्की संगत में शुक्रवार को धन धन श्री गुरु तेग बहादुर साहिब महाराज जी का 404वां प्रकाश पर्व बड़े श्रद्धा, आस्था और विश्वास के साथ मनाया गया।
सुबह की भोर बेला में इस पावन पर्व की शुरुआत दिव्य-भव्य प्रभात फेरी से हुई, जो गुरुद्वारा पक्की संगत से प्रारंभ होकर चौधरी गार्डन मार्ग, डॉ. पांडेय चौराहा, टैगोर पब्लिक स्कूल चौराहा, कल्याणी देवी मंदिर मार्ग होते हुए पुनः गुरुद्वारे में संपन्न हुई।
प्रभात फेरी के दौरान श्रद्धालु “वाहेगुरु-वाहेगुरु”, “जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के गगनभेदी जयघोष करते हुए वातावरण को भक्ति मय बना रहे थे। संगत जहां-जहां से गुजरी, वहां स्थानीय लोग घरों से फूल वर्षा कर संगत का स्वागत करते नजर आए।
फेरी के समापन पर गुरुद्वारे में चाय और नाश्ते का अटूट लंगर वितरित किया गया।
संध्या काल में खुले दीवान हॉल में भव्य कीर्तन-गुरबाणी विचार समागम आयोजित किया गया, जिसमें पंथ के प्रसिद्ध रागी जत्थों, संतों एवं महापुरुषों ने कथा, व्याख्यान और सुंदर शब्द-कीर्तन के माध्यम से संगत को निहाल किया।
कार्यक्रम के अंत में अरदास, हुक्मनामा के उपरांत गुरु का अटूट लंगर वितरित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
इस अवसर पर मंहत ज्ञान सिंह, मंहत देवेंद्र सिंह, जसविंदर सिंह शास्त्री, नमनजोत सिंह रॉयल, रोमित सिंह, गुरबख्श सिंह, साहिब सिंह, सचकीरत सिंह, मनप्रीत सिंह सहित अनेक सेवादार, महिलाएं, पुरुष और बच्चे उपस्थित रहे।
पूरा आयोजन शांति, प्रेम और समर्पण के वातावरण में संपन्न हुआ, जिसने संगत को अध्यात्म और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।





