कहा – नहीं मानी मांग तो चलाएंगे ‘स्टीयरिंग छोड़’ अभियान
प्रदेश में शराबबंदी की मांग लगातार तेज़ होती जा रही है। सामाजिक और धार्मिक संगठनों के बाद अब छत्तीसगढ़ ड्राइवर महा संगठन ने भी प्रदेशव्यापी शराबबंदी की मांग उठाई है। इसी को लेकर संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए धमतरी जिला प्रशासन को अपनी मांगों से अवगत कराया।
ड्राइवर महा संगठन का कहना है कि शराब की वजह से वाहन चालकों के साथ आए दिन मारपीट, लूटपाट और अन्य आपराधिक घटनाएं होती हैं। नशे की लत ने ना सिर्फ सड़क सुरक्षा को खतरे में डाला है, बल्कि वाहन चालकों की जान-माल की सुरक्षा भी गंभीर संकट में है।
शराबबंदी के साथ अन्य मांगें भी रखीं
महासंगठन ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार के सामने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं:
प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी लागू की जाए।
चालकों के आर्थिक उत्थान के लिए “चालक वेलफेयर बोर्ड” का गठन किया जाए।
वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए “चालक आयोग” बनाया जाए।
संगठन के प्रतिनिधियों का कहना है कि ड्राइवर वर्ग समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन उनकी समस्याएं लगातार अनदेखी की जा रही हैं।
“स्टीयरिंग छोड़” आंदोलन की चेतावनी
ड्राइवर महा संगठन ने यह भी साफ किया है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं की, तो वे ‘स्टीयरिंग छोड़ अभियान’ चलाने को मजबूर होंगे। इसका सीधा असर ट्रांसपोर्ट, पब्लिक ट्रैवल और मालवाहन सेवाओं पर पड़ेगा।
एक संगठन सदस्य ने कहा,
“हम चाहते हैं कि राज्य सरकार ड्राइवरों की समस्याओं को गंभीरता से ले। शराबबंदी सिर्फ सामाजिक सुरक्षा नहीं बल्कि वाहन चालकों की जान की भी सुरक्षा है।”





