BY
Yoganand Shrivastava
Delhi सोमवार की सुबह दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में भूकंप के झटकों ने लोगों की नींद उड़ा दी। हालांकि रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता कम दर्ज की गई, लेकिन सुबह-सुबह हुए इस कंपन के कारण कई इलाकों में लोग सुरक्षा के नाते अपने घरों से बाहर निकल आए। राहत की बात यह रही कि अभी तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
सुबह 7:01 बजे महसूस हुआ कंपन
Delhi मौसम विज्ञान केंद्र और भूकंप विज्ञान इकाई के अनुसार, सोमवार सुबह 7 बजकर 1 मिनट पर यह झटके महसूस किए गए। इस भूकंप का केंद्र हरियाणा का रेवाड़ी जिला था। जमीन के भीतर इसकी गहराई लगभग 5 किलोमीटर दर्ज की गई है। कम गहराई पर केंद्र होने के कारण आसपास के क्षेत्रों में कंपन स्पष्ट रूप से महसूस किया गया।
रिक्टर स्केल पर तीव्रता और प्रभाव
Delhi वैज्ञानिक आंकड़ों के मुताबिक, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.8 मापी गई है।
- तीव्रता का असर: आमतौर पर 2.8 तीव्रता का भूकंप हल्का माना जाता है, जिससे इमारतों को खतरा नहीं होता।
- दिल्ली की स्थिति: विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली जोन-4 में आती है, जो भूकंप के लिहाज से काफी संवेदनशील है। यहाँ भविष्य में बड़े भूकंप की आशंका हमेशा बनी रहती है क्योंकि भारतीय टेक्टोनिक प्लेट लगातार यूरेशियन प्लेट की ओर दबाव बना रही है।
क्यों कांपती है धरती? (विशेषज्ञों की राय)
Delhi धरती के भीतर मुख्य रूप से 7 टेक्टोनिक प्लेट्स होती हैं, जो निरंतर गतिमान रहती हैं। जब ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं या इनके बीच घर्षण (Friction) होता है, तो ऊर्जा बाहर निकलती है जिससे सतह पर कंपन महसूस होता है। भारत का लगभग 59% हिस्सा भूकंप के प्रति संवेदनशील है, जिसे अलग-अलग जोन (2 से 5) में बांटा गया है। हिमालयी क्षेत्र और कच्छ जैसे इलाके ‘जोन-5’ में आते हैं, जहाँ सबसे अधिक खतरे की संभावना होती है।
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