Dehli news: हुसैनिया पैलेस में प्रधानमंत्री मोदी से मिले जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला, जानिए उनके जीवन से जुड़े रोचक तथ्य

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image

BY: Yoganand Shrivastva

Dehli news: मध्य पूर्व में सऊदी अरब और इज़राइल के बीच स्थित जॉर्डन इन दिनों वैश्विक कूटनीति के केंद्र में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 और 16 दिसंबर को जॉर्डन की यात्रा पर हैं। इसी क्रम में सोमवार शाम जॉर्डन के राजा किंग अब्दुल्ला द्वितीय ने राजधानी अम्मान स्थित हुसैनिया पैलेस में प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। किंग अब्दुल्ला द्वितीय को पैगंबर मोहम्मद की 41वीं पीढ़ी का वंशज माना जाता है। उनका शाही परिवार लगभग 1400 वर्षों से शासन से जुड़ा रहा है। किंग अब्दुल्ला दुनिया के समृद्ध राजाओं में गिने जाते हैं, जबकि उनकी पत्नी महारानी रानिया को विश्व की सबसे सुंदर और आधुनिक महारानियों में शामिल किया जाता है।

शाही परिवार में जन्म और शिक्षा

किंग अब्दुल्ला द्वितीय का जन्म 30 जनवरी 1962 को जॉर्डन की राजधानी अम्मान में हुआ। वे तत्कालीन राजा हुसैन और उनकी दूसरी पत्नी प्रिंसेस मुना की पहली संतान थे। अपने दादा के नाम पर उनका नाम अब्दुल्ला रखा गया। प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने अम्मान के इस्लामिक एजुकेशनल कॉलेज से प्राप्त की। इसके बाद इंग्लैंड और अमेरिका के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों से पढ़ाई पूरी की। बचपन से ही उन्हें सेना और सैन्य अनुशासन में गहरी रुचि थी। इसी रुचि के चलते उन्होंने ब्रिटेन की रॉयल मिलिट्री अकादमी से प्रशिक्षण लिया और बाद में ब्रिटिश सेना तथा जॉर्डन की सेना में अहम जिम्मेदारियां निभाईं। वे स्पेशल फोर्सेस के कमांडर भी रहे।

आम परिवार की लड़की से विवाह

साल 1992 में एक निजी समारोह के दौरान उनकी मुलाकात रानिया अल-यासीन से हुई। पहली ही मुलाकात में दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे। रानिया किसी शाही परिवार से नहीं थीं, बल्कि एक सामान्य फिलिस्तीनी परिवार से ताल्लुक रखती थीं। छह महीने के भीतर दोनों की सगाई हुई और 10 जून 1993 को अम्मान में उनका विवाह संपन्न हुआ। आज महारानी रानिया शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और बच्चों के अधिकारों के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। उनके चार बच्चे हैं और उनका परिवार दुनिया के सबसे आधुनिक शाही परिवारों में गिना जाता है।

गद्दी तक पहुंचने की कहानी

किंग अब्दुल्ला जन्म से ही युवराज थे, लेकिन राजनीतिक परिस्थितियों के चलते यह जिम्मेदारी कुछ समय के लिए उनके चाचा को सौंप दी गई थी। वर्ष 1999 में गंभीर रूप से बीमार राजा हुसैन ने अपने अंतिम दिनों में फैसला बदलते हुए अब्दुल्ला को पुनः युवराज घोषित किया। इसके मात्र दो सप्ताह बाद 7 फरवरी 1999 को राजा हुसैन का निधन हो गया और अब्दुल्ला द्वितीय जॉर्डन के नए राजा बने। उनका औपचारिक राज्याभिषेक 9 जून 1999 को हुआ।

आधुनिक सोच के शासक

पैगंबर मोहम्मद के वंशज होने के बावजूद किंग अब्दुल्ला द्वितीय को आधुनिक विचारों और प्रगतिशील सोच के लिए जाना जाता है। उनका परिवार सामाजिक सुधार, शिक्षा और वैश्विक संवाद का समर्थक माना जाता है। प्रधानमंत्री मोदी और किंग अब्दुल्ला की मुलाकात को भारत-जॉर्डन संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

International Yoga Day 2026 : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, भारतीय ज्ञान परंपरा का वैश्विक आलोक

लेखक: गोविंद सिंह राजपूत, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री International

Haridwar Cleanliness Drive: सोमवती अमावस्या स्नान पर्व के बाद हरिद्वार में चला स्वच्छता महाअभियान

Haridwar Cleanliness Drive: सोमवती अमावस्या स्नान पर्व के समापन के बाद हरिद्वार

Chandeni School Infrastructure: जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर बच्चे, चंदेनी स्कूल का अधूरा निर्माण बना चिंता का विषय

Chandeni School Infrastructure: खैरागढ़ जिले के ग्राम चंदेनी स्थित शासकीय प्राथमिक शाला