BY
Yoganand Shrivastava
रूस-चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच सुरक्षा पर जोर
Dehli : ब्रिटेन ने आर्कटिक सुरक्षा के लिए NATO सहयोगियों से की बातचीत, ग्रीनलैंड विवाद के बीच बढ़ी हलचलआर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन के बढ़ते प्रभाव के मद्देनजर ब्रिटेन ने NATO के अन्य सहयोगी देशों के साथ सुरक्षा बढ़ाने पर बातचीत शुरू कर दी है। ब्रिटिश परिवहन सचिव हीडी अलेक्जेंडर ने बताया कि यह कदम सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने इसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड पर किए गए बयान की प्रतिक्रिया नहीं बताया।

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और डेनमार्क के बीच तनाव
Dehli अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ग्रीनलैंड को हासिल करने की इच्छा जताई थी, ताकि रूस या चीन इसे अपने कब्जे में न ले सकें। ग्रीनलैंड की रक्षा डेनमार्क करती है और यहां अमेरिका का सैन्य अड्डा मौजूद है। ट्रंप के बयान के बाद अमेरिका और डेनमार्क के बीच तनाव बढ़ गया है। डेनमार्क के अधिकारियों ने अमेरिका को चेतावनी दी कि द्वीप पर बलपूर्वक कब्जा न किया जाए और ग्रीनलैंड की संप्रभुता का सम्मान किया जाए।

NATO और ब्रिटेन का रणनीतिक रुख
Dehli हीडी अलेक्जेंडर ने कहा कि ब्रिटेन NATO सहयोगियों के साथ मिलकर रूस और चीन के आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करना चाहता है। पूर्व ब्रिटिश राजदूत पीटर मैंडेलसन ने कहा कि ट्रंप बलपूर्वक ग्रीनलैंड पर कब्जा नहीं करेंगे, लेकिन आर्कटिक को सुरक्षित करना आवश्यक है। वहीं लिबरल डेमोक्रेट नेता एड डेवी ने सुझाव दिया कि ब्रिटेन डेनमार्क के साथ मिलकर ग्रीनलैंड में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करे, ताकि NATO गठबंधन में कोई दरार न पड़े और क्षेत्रीय स्थिरता बनी रहे।
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