Report: Vijay gupta
Datia : मध्य प्रदेश के दतिया जिले में स्वच्छता व्यवस्था चरमरा गई है। नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों ने अपनी मूलभूत मांगों और लंबित वेतन को लेकर मोर्चा खोल दिया है। पिछले कई महीनों से मेहनताना न मिलने से नाराज होकर लगभग 200 कर्मचारियों ने काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया है, जिससे शहर के कचरा प्रबंधन पर संकट खड़ा हो गया है।
गाड़ीखाने पर कर्मचारियों का जमावड़ा
Datia हड़ताल के पहले दिन शहर के करीब 200 सफाई कर्मचारी गाड़ीखाने पर एकत्रित हुए और काम का बहिष्कार कर धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। सफाई कर्मचारियों की इस एकजुटता के कारण सुबह से ही शहर की गलियों में कचरा गाड़ियों के पहिये थमे रहे और सड़कों पर झाड़ू नहीं लग सकी।

आर्थिक तंगी और परिवार के भरण-पोषण का संकट
Datia हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का दर्द है कि उन्हें पिछले 2 से 3 महीनों से वेतन नहीं दिया गया है। महंगाई के इस दौर में वेतन न मिलने के कारण उनके घरों में चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है। बच्चों की पढ़ाई, राशन और दवाइयों जैसे जरूरी खर्चों के लिए उन्हें दूसरों के आगे हाथ फैलाना पड़ रहा है। कर्मचारियों के अनुसार, “काम करने के बावजूद समय पर पगार न देना उनकी मेहनत का अपमान है।”
प्रशासन पर अनदेखी और तानाशाही का आरोप
Datia प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि उन्होंने अपनी समस्याओं से अधिकारियों को कई बार अवगत कराया, लेकिन उनकी बातों को अनसुना कर दिया गया। कर्मचारियों ने प्रशासन के रवैये को “तानाशाही” करार देते हुए कहा कि उन्हें जानबूझकर हड़ताल जैसे कड़े कदम उठाने के लिए मजबूर किया गया है। अब जब तक वेतन खाते में नहीं आता, संघर्ष जारी रखने की चेतावनी दी गई है।





