Report: Santosh
Dabra : नगर पालिका क्षेत्र की बदहाल व्यवस्थाओं और रुके हुए विकास कार्यों को लेकर अब स्थानीय निवासियों का धैर्य जवाब दे रहा है। बुर्जक रोड सहित शहर के मुख्य मार्गों की जर्जर हालत और व्याप्त गंदगी के विरोध में समाजसेवी चिंटू तोमर ने अपने साथियों के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 21 दिनों के भीतर सुधार नहीं हुआ, तो शहर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

बदहाल सड़कें और गंदगी का अंबार: जनता परेशान
Dabra डबरा के बुर्जक रोड सहित अन्य आम रास्ते लंबे समय से खराब पड़े हैं, जिससे राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नालियों का निर्माण न होने और शहर में चारों ओर लगे गंदगी के ढेरों ने स्थानीय प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि सड़कों का पैचवर्क तत्काल शुरू कराया जाए और शहरी सौंदर्यीकरण के कार्यों को गति दी जाए ताकि आमजन को मूलभूत सुविधाएं मिल सकें।

21 दिनों का अल्टीमेटम: अनशन और चक्काजाम की चेतावनी
Dabra समाजसेवी चिंटू तोमर ने स्पष्ट किया है कि यदि नगरीय प्रशासन 21 दिनों के भीतर इन समस्याओं का समाधान नहीं करता है, तो इसे कर्तव्य के प्रति लापरवाही माना जाएगा। ऐसी स्थिति में संगठन चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होगा। चेतावनी दी गई है कि इसकी शुरुआत नुक्कड़ सभाओं और धरना प्रदर्शन से होगी, जो आगे चलकर अनशन, मशाल जुलूस और ‘शहर बंद’ जैसे उग्र रूप में बदल सकती है।
प्रशासन की जवाबदेही पर उठे सवाल
Dabra ज्ञापन में जोर दिया गया है कि वर्तमान में चल रहे सौंदर्यीकरण कार्य निरंतर जारी रहने चाहिए और विभिन्न सड़कों पर पैचवर्क का काम भी रुकना नहीं चाहिए। समाजसेवी समूह ने साफ कर दिया है कि यदि शहरवासियों के हितों की अनदेखी जारी रही, तो किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या जाम के लिए पूर्ण रूप से शहरी प्रशासन ही जिम्मेदार होगा।
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