समाधान दिवस में की न्याय की गुहार
स्थान : मुरादाबाद | रिपोर्टर : शमशेर मलिक
मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा क्षेत्र निवासी मोहम्मद आलम, जो वर्तमान में अमेठी स्थित सीआरपीएफ प्रशिक्षण केंद्र में स्टैनो के पद पर कार्यरत हैं, ने समाधान दिवस में अधिकारियों के समक्ष अपनी पुश्तैनी भूमि पर अवैध कब्जे की गंभीर शिकायत दर्ज कराई।
मोहम्मद आलम ने बताया कि उनके स्वर्गीय ससुर अज़मत ख़ां पुत्र दुल्हा ख़ां ने अपनी पुश्तैनी ज़मीन में से एक हिस्सा उनकी पत्नी आसमा के नाम वसीयतनामा के माध्यम से उपहार स्वरूप दिया था। यह भूमि आराज़ी गाटा संख्या 200 मि, रकबा 0.220 है0, संशोधित रकबा 0.020 है0, मौजा गांव नागलिया नारायण में स्थित है। सभी राजस्व अभिलेखों में उनकी पत्नी का नाम विधिवत दर्ज है और वह भूमि की वैध मालकिन हैं।
आरोप है कि नगर के कुछ दबंग किस्म के भूमाफिया, जो राजनीतिक संरक्षण प्राप्त किए हुए हैं, इस ज़मीन पर जबरन कब्ज़ा कर रहे हैं और अवैध निर्माण करा रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार स्थानीय प्रशासन को इस संबंध में शिकायत दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
समाधान दिवस में पहुंचे मोहम्मद आलम व उनकी पत्नी आसमा ने अधिकारियों से भूमि को कब्जा मुक्त कराने की मांग की। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने दस्तावेजों का अवलोकन कर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
डीएम के आदेश पर रुका अवैध निर्माण
मोहम्मद आलम ने बताया कि उन्होंने पूरे मामले की जानकारी अपने विभागीय अधिकारी, पुलिस उपमहानिरीक्षक, सीआरपीएफ, त्रिसुंडी, अमेठी को दी थी। विभागीय संज्ञान के बाद जिलाधिकारी मुरादाबाद को जब मामला बताया गया तो उन्होंने तत्काल मौखिक निर्देश देकर स्थानीय प्रशासन को अवैध निर्माण कार्य को रुकवाने का आदेश दिया।
दबंगों से जान का खतरा
पीड़ित जवान मोहम्मद आलम ने आशंका जताई कि उनकी और उनके परिवार की जान को खतरा है। उन्होंने बताया कि दबंग किस्म के भूमाफिया न केवल उनकी ज़मीन पर कब्जा कर रहे हैं, बल्कि उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियाँ भी दे रहे हैं।
उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उन्हें और उनके परिवार को न्याय दिलाया जाए और भूमाफियाओं से सुरक्षा प्रदान की जाए ताकि वह शांति से देश सेवा कर सकें।





