दंपती ने डेढ़ साल के बेटे को सड़क किनारे छोड़ा, फिर डैम में कूदकर दी जान; दोनों के शव बरामद

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image

BY: Yoganand Shrivastava

बैतूल (मध्यप्रदेश)। जिले के मुलताई क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक दंपती ने अपने डेढ़ साल के मासूम बेटे को सड़क किनारे छोड़कर बुकाखेड़ी डैम में कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पुलिस और गोताखोरों की टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद दोनों के शव बाहर निकाले।

मृतकों की पहचान शुभम करदाते (25) और उनकी पत्नी रोशनी (22) के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, दोनों ने साढ़े तीन साल पहले लव मैरिज की थी। शादी के बाद से ही उनके बीच विवाद की स्थिति बनी रहती थी। शुक्रवार देर रात भी उनका झगड़ा हुआ था, जिसके बाद शनिवार सुबह करीब 9 बजे उन्होंने यह कदम उठा लिया।

एक रिश्तेदार ने पुलिस को बताया कि उसने दंपती को बच्चे को सड़क किनारे छोड़ते और फिर डैम में छलांग लगाते देखा। वह जैसे ही बाइक खड़ी कर कुछ मदद करने पहुंचा, तब तक दोनों गहरे पानी में जा चुके थे।

थाना प्रभारी देवकरण डहेरिया ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची और एसडीआरएफ को बुलाया गया। रोशनी का शव जल्द बरामद हो गया, जबकि शुभम का शव लगभग तीन घंटे की तलाश के बाद मिला।

फिलहाल ग्रामीणों ने मासूम बच्चे को अपने पास रखा है। शुभम के चाचा दीपक पवार के अनुसार, शुभम मजदूरी करता था। उसके परिवार में माता-पिता और एक शादीशुदा बहन है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दंपती के बीच आखिर किस बात को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

German investment in UP : जर्मनी की कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में निवेश का जताया भरोसा

रिपोर्ट- वंदना रावत German investment in UP : जर्मनी/लखनऊ, 23 फरवरीः मुख्यमंत्री

Village Discipline Rule: बालोद के मेढ़की गांव में चुगली पर 5,001 रुपये का जुर्माना

Village Discipline Rule: एक-दूसरे को भड़काने वालों पर आर्थिक दंड, सर्वसम्मति से

Kurukshetra में किसानों का 3 दिवसीय महापड़ाव, बिजली बिल माफी और मुआवजे की मांग, सीएम आवास घेराव का ऐलान

Kurukshetra: कुरुक्षेत्र के ताऊ देवीलाल पार्क में प्रदेशभर से आए हजारों किसान

Caste Certificate Controversy: प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते के जाति प्रमाण पत्र पर विवाद

Caste Certificate Controversy: जिला स्तरीय सत्यापन समिति ने सुनवाई का अधिकार माना,