रिपोर्ट : अभिषेक सिंह ठाकुर
कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में एक ईसाई धर्मांतरित व्यक्ति के अंतिम संस्कार को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। मृतक का अंतिम संस्कार विरोध के चलते तीन दिन तक अटका रहा और आखिरकार प्रशासन की मध्यस्थता के बाद देर रात उसका दफन हो सका।
सड़क हादसे में हुई थी मौत
जानकारी के मुताबिक, दुर्गूकोंदल विकासखंड के कोदा पाखा गांव निवासी ईसाई धर्मांतरित मैनु राम की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। परिजनों ने जब गांव में अपनी ही जमीन पर अंतिम संस्कार की तैयारी की तो ग्रामीणों ने विरोध कर दिया। उनका कहना था कि गांव की सीमा के भीतर धर्मांतरित व्यक्ति का अंतिम संस्कार नहीं किया जा सकता।
दुर्गूकोंदल थाना पहुंचा मामला
विरोध के बाद मृतक के परिजनों ने इसकी सूचना दुर्गूकोंदल थाना पुलिस को दी। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद शव को भानुप्रतापपुर के मसीही कब्रिस्तान लाया गया।
भानुप्रतापपुर में भी हुआ विरोध
भानुप्रतापपुर में शव दफनाने की तैयारी शुरू हुई तो स्थानीय लोगों ने भी आपत्ति दर्ज कराई। इसके चलते मामला और तूल पकड़ गया। इस पर नगर पंचायत अध्यक्ष निखिल सिंह राठौर, मसीही समाज के अध्यक्ष जितेंद्र बेंजामिन और कई नगरवासी एसडीएम कार्यालय पहुंचे और अपनी बातें रखीं।
प्रशासन की दखल के बाद बनी सहमति
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीएम भानुप्रतापपुर मौके पर पहुंचे। काफी देर तक बातचीत चली और आखिरकार देर शाम यह सहमति बनी कि इस बार मृतक का अंतिम संस्कार भानुप्रतापपुर के कब्रिस्तान में किया जाएगा, लेकिन भविष्य में ऐसा नहीं होगा।
देर रात हुआ अंतिम संस्कार
प्रशासन की पहल और समझाइश के बाद शुक्रवार देर रात मृतक मैनु राम का अंतिम संस्कार भानुप्रतापपुर के मसीही कब्रिस्तान में किया गया। इस दौरान पुलिस बल भी मौजूद रहा ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।





