BY: Yoganand Shrivastva
इंदौर | इंदौर शहर में बुधवार को कांग्रेस ने नगर निगम के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया। एक साथ सभी 22 जोनों में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोलते हुए सरकार और नगर निगम प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया। इस प्रदर्शन की अगुवाई प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने की और उन्होंने भ्रष्टाचार, टैक्स वृद्धि, और Z शेप ब्रिज जैसी योजनाओं की अनियमितताओं को लेकर कड़ी आलोचना की।
जनता ने दिया भरपूर समर्थन, मिला भ्रष्टाचार: जीतू पटवारी
मीडिया से बातचीत में जीतू पटवारी ने कहा, “इंदौर की जनता ने बीजेपी पर बार-बार भरोसा जताया। महापौर, सांसद और 9 विधायक बीजेपी को दिए गए। मगर बदले में शहरवासियों को मिला सिर्फ टैक्स का बोझ और भ्रष्टाचार।”
उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम में संपत्ति कर में 50% और जलकर में ₹200 से बढ़ाकर ₹300 तक की वृद्धि कर दी गई है। इसके अलावा फर्जी दस्तावेज़ों और योजनाओं के जरिए ठेकेदारी व्यवस्था में करोड़ों रुपए का खेल किया जा रहा है।
“30 प्रतिशत कमीशन सिस्टम” का आरोप
पटवारी ने कहा, “नगर निगम में फाइल पास कराने से लेकर टेंडर मंजूरी तक हर स्तर पर 30% कमीशन चलता है। यह सिस्टम पार्षदों से लेकर एमआईसी और महापौर तक फैला हुआ है। हर व्यक्ति अपना हिस्सा ले रहा है।”
प्रदर्शन के दौरान कई महिला कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि जनता पर टैक्स का बोझ बढ़ा है, लेकिन मूलभूत सुविधाएं बदतर हो गई हैं।
Z शेप ब्रिज बना सवालों के घेरे में
इंदौर में निर्माणाधीन Z शेप ब्रिज को लेकर भी जीतू पटवारी ने कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “इस ब्रिज को लेकर ना तो सांसद कुछ जानते हैं, ना विधायक, और ना ही महापौर। यह जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता और भ्रष्टाचार का प्रतीक बन चुका है। ट्रैफिक जाम में अब तक चार लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन जवाबदेही लेने को कोई तैयार नहीं है।”
उन्होंने भोपाल के एक ऐसे ही प्रोजेक्ट का हवाला देते हुए कहा कि वहां भी निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार हुआ और अंत में सिर्फ दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया, जबकि पूरा सिस्टम जिम्मेदार था।
सांसद, विधायक और मंत्रियों पर भी उठाए सवाल
पटवारी ने इंदौर के सांसद शंकर लालवानी, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और तुलसी सिलावट पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “सांसद कभी भी जनता के मुद्दों पर नहीं बोलते। वहीं मंत्री जनता की सेवा की बजाय पत्रकारों को धमकाते नजर आते हैं।”
उन्होंने दावा किया कि कई पार्षद जो पहले आर्थिक रूप से कमजोर थे, आज महंगी कारों में घूम रहे हैं, जिससे साफ है कि यह संपत्ति ईमानदारी से अर्जित नहीं की गई है। उन्होंने एमआईसी सदस्यों की संपत्ति की जांच कराने की मांग भी उठाई।
आगे होगा बड़ा आंदोलन: 25 हजार लोगों के साथ नगर निगम घेरने की चेतावनी
प्रदर्शन के अंत में जीतू पटवारी ने ऐलान किया कि आने वाले दिनों में यह आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन ने स्थिति नहीं संभाली तो कांग्रेस 25 हजार लोगों के साथ नगर निगम का घेराव करेगी।
उन्होंने कहा, “अब कांग्रेस सिर्फ विपक्ष नहीं, बल्कि जनता की आवाज बनकर सामने खड़ी है। यह भ्रष्ट व्यवस्था ज्यादा दिनों तक नहीं टिक पाएगी। हमें जनता का सहयोग चाहिए ताकि इस लूटतंत्र का अंत हो।”





