Isa Ahmad
एसईसीएल बैकुंठपुर समेत देशभर के कोयला उद्योग में मजदूरों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। चार नए लेबर कोड के विरोध में 12 फरवरी 2026 को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया, जिसके तहत आज सुबह से कोयला मजदूर काम पर नहीं पहुंचे। हड़ताल का सीधा असर खदानों के उत्पादन और कोयला परिवहन पर पड़ा है।
खदानों में काम बंद, उत्पादन और सप्लाई प्रभावित
Coal Workers Strike:हड़ताल के चलते कई खदानों में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। उत्पादन रुकने से कोयला आपूर्ति पर भी व्यापक असर देखने को मिल रहा है। एसईसीएल बैकुंठपुर सहित अन्य क्षेत्रों में मजदूरों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
ट्रेड यूनियनों का कहना है कि जब तक सरकार चारों लेबर कोड वापस नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा। Coal Workers Strike को लेकर उद्योग जगत में भी चिंता की स्थिति बनी हुई है।
नए लेबर कोड को बताया मजदूर विरोधी
Coal Workers Strike: श्रमिक संगठनों का आरोप है कि नए लेबर कोड से स्थायी नौकरियां खत्म होंगी और ठेका प्रथा को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा और श्रम अधिकार कमजोर होंगे।
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यूनियन नेताओं ने इसे मजदूरों के भविष्य पर सीधा हमला बताते हुए इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार न करने की बात कही है। उन्होंने हड़ताल को निर्णायक बताते हुए मजदूरों से एकजुट रहने और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने की अपील की है।





