रिपोर्टर – विशाल दुबे
Ujjain सिंहस्थ 2028 की मेजबानी के लिए धर्मनगरी उज्जैन को विश्वस्तरीय स्वरूप देने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के लिए 662 करोड़ 46 लाख रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी सिंहस्थ का वैभव अद्वितीय होगा और शासन हर श्रद्धालु का स्वागत ‘अतिथि देवो भव’ की भावना के साथ करेगा।

Ujjain इंफ्रास्ट्रक्चर को नई उड़ान: आरओबी और सड़कों का जाल
मुख्यमंत्री ने गीता भवन क्षेत्र में 77 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले कार्यों और 30 करोड़ की लागत से बनने वाले विक्रम नगर रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) का शिलान्यास किया। इसके साथ ही शहर की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए 11 नई सड़कों के निर्माण की आधारशिला भी रखी गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा NH-752 D के फोर-लेन अपग्रेडेशन की मंजूरी मिलने से श्रद्धालुओं का आवागमन सुगम होगा।

Ujjain बजट का रोडमैप: 13 हजार करोड़ से संवरेगा महाकाल का आँगन
डॉ. यादव ने भविष्य की योजना साझा करते हुए कहा कि सिंहस्थ 2028 के लिए कुल 13,851 करोड़ रुपये के कार्यों को स्वीकृति दी जा चुकी है। उन्होंने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में विशेष रूप से 3,060 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उज्जैन के विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने भी मुख्यमंत्री के विजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि शिप्रा शुद्धिकरण, घाट निर्माण और कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना के माध्यम से उज्जैन एक ‘स्वर्ण नगरी’ के रूप में उभर रहा है।

Ujjain जन-कल्याण और सांस्कृतिक मूल्यों का संगम
विकास कार्यों के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने सामाजिक सरोकार भी निभाए। उन्होंने कन्या पूजन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया और मुद्रा योजना व फूड प्रोसेसिंग के लाभार्थियों को सहायता राशि वितरित की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि उज्जैन को स्वच्छता और सुविधा का ऐसा वैश्विक मॉडल बनाया जाएगा, जो पूरी दुनिया के लिए मिसाल बनेगा।





