घटना का पूरा माजरा
हैदराबाद से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। एक 23 साल की महिला ने अपनी इज्जत बचाने के लिए चलती ट्रेन से छलांग लगा दी। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि ट्रेन की बोगी में एक शख्स ने उसके साथ गलत हरकत करने की कोशिश की। महिला का कहना है कि वो डर गई थी और अपनी जान से ज्यादा अपनी आबरू को बचाना जरूरी समझा। गनीमत ये रही कि वो बाल-बाल बच गई, हालांकि उसे कुछ मामूली चोटें जरूर आईं।
क्या हुआ उस दिन?
महिला सिकंदराबाद से मेडचल जा रही थी। वो एमएमटीएस (मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट सर्विस) ट्रेन के लेडीज कोच में सवार थी। पहले कोच में दो और महिलाएं थीं, लेकिन वो अलवल स्टेशन पर उतर गईं। इसके बाद वो अकेली रह गई। तभी एक करीब 25 साल का लड़का वहां आया और उससे गंदी-गंदी बातें करने लगा। जब महिला ने विरोध किया तो उसने जबरदस्ती शुरू कर दी। डर के मаре महिला ने सोचा कि अब कुछ करना पड़ेगा। उसने हिम्मत जुटाई और चलती ट्रेन से कूद पड़ी।
चोटें आईं, लेकिन जान बची
ट्रेन से कूदने की वजह से महिला के सिर, ठोड़ी, दाहिने हाथ और कमर पर खून निकलने वाली चोटें लगीं। कुछ राहगीरों ने उसे देखा और फौरन सरकारी अस्पताल पहुंचाया। महिला ने पुलिस को बताया कि वो उस शख्स को पहचान सकती है अगर वो दोबारा दिख जाए। उसने ये भी कहा कि वो अपने फोन का डिस्प्ले ठीक करवाने मेडचल जा रही थी, तभी ये वाकया हुआ।

पुलिस ने क्या किया?
महिला की शिकायत सुनते ही पुलिस हरकत में आ गई। बीएनएस की धारा 75 (महिला की इज्जत को ठेस पहुंचाने की कोशिश) और धारा 131 (जबरदस्ती करने का इल्जाम) के तहत केस दर्ज कर लिया गया। अब पुलिस उस लड़के की तलाश में जुट गई है। जीआरपी (रेलवे पुलिस) भी मामले की छानबीन कर रही है ताकि आरोपी को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।
सवाल-जवाब में जानें पूरी कहानी
- महिला ने ट्रेन से छलांग क्यों लगाई?
उसने अपनी इज्जत बचाने के लिए ये कदम उठाया, क्योंकि एक शख्स ने उसके साथ छेड़छाड़ और जबरदस्ती की कोशिश की। - उसे कितनी चोटें आईं?
सिर, ठोड़ी, हाथ और कमर पर मामूली चोटें लगीं, लेकिन जान पर कोई बड़ी आफत नहीं आई। - वो कहां जा रही थी?
वो सिकंदराबाद से मेडचल अपने फोन की स्क्रीन ठीक करवाने जा रही थी। - पुलिस ने क्या एक्शन लिया?
शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया और आरोपी की तलाश शुरू कर दी।
समाज के लिए सबक
ये घटना बताती है कि आज भी ट्रेनों में महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ा सवाल है। लेडीज कोच में अकेली महिला के साथ ऐसी हरकत शर्मनाक है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब तक ऐसी घटनाएं होती रहेंगी और कब तक महिलाओं को अपनी जान जोखिम में डालकर अपनी इज्जत बचानी पड़ेगी? पुलिस की सख्ती और समाज की जागरूकता ही इसका हल निकाल सकती है।
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