,

Canada Work Permit: इन हाई-डिमांड जॉब्स पर 2 हफ्ते में मिलता है कनाडा का वर्क परमिट

Canada Work Permit for job

by: vijay nandan

Canada Work Permit: कनाडा में काम करने का सपना देख रहे विदेशी वर्कर्स के लिए बड़ी राहत की खबर है।

कनाडा सरकार कुछ चुनिंदा नौकरियों के लिए वर्क परमिट जारी करने में प्राथमिकता देती है, जिनमें अधिकतर टेक्नोलॉजी और हाई-डिमांड सेक्टर से जुड़ी हैं। इन नौकरियों के लिए आवेदन करने वाले विदेशी कर्मचारियों को महज 2 हफ्तों में वर्क परमिट मिल सकता है।

Canada Work Permit: ग्लोबल टैलेंट स्ट्रीम (GTS) के तहत टेक और इंजीनियरिंग सेक्टर के विदेशी वर्कर्स को मिलती है तेज़ प्रोसेसिंग की सुविधा

Canada Work Permit: कनाडा में विदेशी कर्मचारियों की भर्ती के लिए Temporary Foreign Worker Program (TFWP) चलाया जाता है, जिसके अंतर्गत Global Talent Stream (GTS) नाम का विशेष पाथवे मौजूद है। इस स्कीम का उद्देश्य उन स्किल्ड प्रोफेशनल्स को कनाडा लाना है, जिनकी देश में भारी मांग है।

GTS के तहत दो कैटेगरी होती हैं, जिनमें से कैटेगरी B के अंतर्गत आने वाली नौकरियों के लिए वर्क परमिट की प्रक्रिया सबसे तेज़ मानी जाती है। इस कैटेगरी में कुल 22 हाई-डिमांड प्रोफेशन शामिल हैं।

  • 2 हफ्ते में वर्क परमिट दिलाने वाली प्रमुख नौकरियां
  • सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स और डेवलपर्स
  • डेटा साइंटिस्ट्स और साइबर सिक्योरिटी स्पेशलिस्ट्स
  • वेब डेवलपर्स और वेब डिजाइनर्स
  • कंप्यूटर इंजीनियर्स और सिस्टम डेवलपर्स
  • सिविल, इलेक्ट्रिकल, एयरोस्पेस और माइनिंग इंजीनियर्स
  • डेटाबेस एनालिस्ट्स और नेटवर्क टेक्नीशियंस
  • डिजिटल मीडिया, विजुअल इफेक्ट्स और वीडियो गेम इंडस्ट्री से जुड़े प्रोफेशनल्स

GTS के तहत वर्क परमिट कैसे मिलता है?

इस प्रक्रिया में दो चरण होते हैं।
पहले चरण में नियोक्ता कंपनी Labour Market Impact Assessment (LMIA) के लिए आवेदन करती है, जिसे आमतौर पर 10 दिनों के भीतर मंजूरी मिल जाती है। यह सर्टिफिकेट साबित करता है कि विदेशी कर्मचारी की नियुक्ति से कनाडाई नागरिकों की नौकरियों पर असर नहीं पड़ेगा।

दूसरे चरण में LMIA मिलने के बाद विदेशी वर्कर कनाडा के इमिग्रेशन विभाग IRCC के माध्यम से वर्क परमिट के लिए आवेदन करता है। आवेदन के दौरान यह स्पष्ट करना जरूरी होता है कि नौकरी GTS के अंतर्गत आती है। सभी दस्तावेज़ सही होने पर वर्क परमिट सिर्फ 2 हफ्तों में जारी कर दिया जाता है।

ये भी पढि़ए: छतरपुर का दर्द: कुसाई गांव से 60 लोगों का पलायन — रोजगार न मिलने, योजनाओं की लापरवाही और कृषि संकट ने खाली कर दिया गांव

राज्य सरकार ओबीसी हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

माननीय सर्वोच्च न्यायालय में म.प्र सरकार ने ओबीसी आरक्षण पर दायर की…