BY
Yoganand Shrivastava
इलाज और जरूरी खर्च बना सबसे बड़ा कारण
Business शहरों में व्यक्तिगत ऋण लेने की सबसे बड़ी वजह स्वास्थ्य से जुड़ा खर्च सामने आया है। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार देश में बड़ी संख्या में लोग मेडिकल इमरजेंसी और इलाज के लिए कर्ज लेने को मजबूर हैं। महानगरों में यह प्रवृत्ति और भी ज्यादा देखने को मिल रही है। इलाज की बढ़ती लागत और स्वास्थ्य बीमा की सीमित पहुंच के कारण लोग सीधे व्यक्तिगत ऋण का सहारा ले रहे हैं।

रोजमर्रा की जरूरतें और पारिवारिक जिम्मेदारियां
Business रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि बड़ी संख्या में लोग रोजमर्रा के जरूरी खर्च, घर की अचानक मरम्मत, शादी-विवाह और पारिवारिक आयोजनों के लिए व्यक्तिगत ऋण ले रहे हैं। छोटे शहरों में दैनिक जरूरतों के लिए कर्ज लेने का चलन तेजी से बढ़ा है। वहीं मध्यम आय वर्ग में रहन-सहन और जीवनशैली से जुड़े खर्च भी कर्ज का कारण बन रहे हैं।

ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन पर ज्यादा भरोसा
Business डिजिटल सुविधाएं बढ़ने के बावजूद अधिकांश लोग अभी भी व्यक्तिगत ऋण के लिए ऑफलाइन माध्यम को ही सुरक्षित मानते हैं। रिपोर्ट के अनुसार कम लोग ही ऑनलाइन माध्यम से ऋण ले रहे हैं। चिंता की बात यह भी है कि कई लोग बिना दूसरे विकल्पों की जांच किए सीधे ऋण ले लेते हैं, जिससे बाद में उन्हें अधिक ब्याज और लंबी अदायगी का बोझ उठाना पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि व्यक्तिगत ऋण को केवल अंतिम विकल्प के रूप में ही चुनना चाहिए और किसी भी कर्ज से पहले अपनी आय, जरूरत और अदायगी क्षमता का सही आकलन जरूर करना चाहिए।
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