BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली: थाईलैंड में हाल ही में आए भूकंप के बावजूद बैंकॉक में बिम्सटेक (BIMSTEC) शिखर सम्मेलन अपने तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अप्रैल के पहले सप्ताह में थाईलैंड जाएंगे। विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) जयदीप मजूमदार ने शुक्रवार को जानकारी दी कि प्रधानमंत्री 3 से 4 अप्रैल तक थाईलैंड की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे और इस दौरान वह कई महत्वपूर्ण बैठकों में भाग लेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की थाईलैंड की तीसरी आधिकारिक यात्रा होगी।
थाईलैंड में करेंगे द्विपक्षीय वार्ता
प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के दौरान थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा से मुलाकात करेंगे। यह दोनों नेताओं की दूसरी बैठक होगी। इससे पहले दोनों की मुलाकात पिछले साल अक्टूबर में वियनतियाने में आसियान शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और थाईलैंड के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध हैं। थाईलैंड भारत का समुद्री पड़ोसी भी है और भारत की “एक्ट ईस्ट नीति” और इंडो-पैसिफिक दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्ण भागीदार है। इसके अलावा, थाईलैंड बिम्सटेक (BIMSTEC) संगठन का भी एक महत्वपूर्ण सदस्य है।
श्रीलंका भी जाएंगे प्रधानमंत्री मोदी
थाईलैंड की यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी 4 से 6 अप्रैल तक श्रीलंका की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि बैंकॉक में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के निमंत्रण पर कोलंबो जाएंगे।
राष्ट्रपति दिसानायके ने दिसंबर 2024 में पदभार ग्रहण करने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा पर भारत का दौरा किया था। अब प्रधानमंत्री मोदी उनके द्वारा मेजबानी किए जाने वाले पहले विदेशी नेता होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी की श्रीलंका यात्रा का महत्व
यह प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की चौथी श्रीलंका यात्रा होगी। भारत की “पड़ोसी पहले” नीति के तहत, श्रीलंका के साथ संबंध काफी महत्वपूर्ण हैं। दोनों देशों के रिश्ते आपसी विश्वास और सहयोग पर आधारित हैं और समय के साथ मजबूत हुए हैं।
भारत ने 2022 में श्रीलंका के आर्थिक संकट के दौरान भी उसकी सहायता की थी और उसकी आर्थिक स्थिरता और सुधार में अहम भूमिका निभाई थी। इस यात्रा के दौरान भारत और श्रीलंका के बीच व्यापार, सुरक्षा, ऊर्जा और सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा होगी।
यात्रा के प्रमुख बिंदु
- 3-4 अप्रैल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थाईलैंड में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
- थाई प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
- 4-6 अप्रैल: पीएम मोदी श्रीलंका की यात्रा करेंगे और राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से मुलाकात करेंगे।
- भारत-श्रीलंका के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत की कूटनीतिक और रणनीतिक नीतियों के तहत बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।





