रिपोर्ट- गौरव साहु
BY- ISA AHMAD
बोले– पहले मुआवजा और बसाहट दें, फिर करें जमीन अधिग्रहण
कटघोरा। कोरबा जिले के हरदीबाजार क्षेत्र में कोयला खदानों से प्रभावित सैकड़ों गांवों के बीच आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों से सीधा संवाद किया और राज्य सरकार व एसईसीएल पर जमकर निशाना साधा।
प्रभावितों के लिए बसाहट और मुआवजे की मांग
बघेल ने कहा कि एसईसीएल लगातार कोयला उत्खनन कर रही है, लेकिन प्रभावित परिवारों को अब तक न तो उचित मुआवजा दिया गया है और न ही बसाहट की व्यवस्था की गई है। उन्होंने साफ कहा कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तभी आगे बढ़नी चाहिए जब पहले प्रभावितों को मुआवजा और रहने की व्यवस्था दी जाए।
कानूनों के अनुपालन पर सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एक तरफ प्रदेश में पेशा कानून और पांचवीं अनुसूची लागू है, वहीं दूसरी ओर कोल बेयरिंग एक्ट का हवाला दिया जा रहा है। ऐसे में यह समझ से परे है कि सरकार किस कानून को मान रही है और किसे लागू कर रही है।
उन्होंने मांग की कि 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के आधार पर ही मुआवजा दिया जाए, न कि 2004 के पुराने कानून के आधार पर।
भाजपा सरकार पर हमला
भूपेश बघेल ने इस मौके पर यूरिया खाद और बिजली बिल को लेकर भी भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों और आम जनता को राहत देने में विफल रही है।
आंदोलन की चेतावनी
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन और सरकार जल्द कदम नहीं उठाती है तो कांग्रेस के सभी 36 विधायक कोरबा जिले में धरने पर बैठेंगे।
भूपेश बघेल का यह बयान प्रभावित ग्रामीणों में नया उत्साह भरने वाला साबित हुआ, वहीं राज्य सरकार के खिलाफ आक्रोश भी साफ तौर पर दिखाई दिया।





