भिंड, मध्य प्रदेश – एक दलित युवती के साथ गैंगरेप करने के आरोप में जेल में बंद आरोपियों ने कोर्ट के बाहर समझौते के लिए दबाव बनाया, और जब पीड़िता ने मना कर दिया तो उसके घर को आग लगा दी। यह घटना गोरमी थाना क्षेत्र के आरोली गांव में हुई, जिसने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या दलितों को न्याय मिल पा रहा है?
क्या हुआ था?
- 13 जनवरी 2025 को आरोपी सोनी गुर्जर और धर्मेंद्र गुर्जर ने बंदूक की नोक पर दलित युवती से गैंगरेप किया था।
- पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, और मामला कोर्ट में चल रहा था।
- 5 अप्रैल को आरोपियों के परिवार वाले और सहयोगी दर्जनभर लोगों के साथ पीड़िता के घर पहुंचे और कोर्ट के बाहर समझौता करने के लिए दबाव बनाया।
- जब पीड़िता ने मना कर दिया, तो आरोपियों ने परिवार के सदस्यों को पीटा, घर का सामान तोड़ा और झोपड़ी में आग लगा दी।
- घटना में पीड़िता के पिता और भाई गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस पर लगे गंभीर आरोप
पीड़ित परिवार ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि:
- आरोपियों के साथ मिलीभगत की गई।
- घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई नहीं की।
- अस्पताल में घायलों को धमकाया गया कि वे किसी से कुछ न बोलें।
क्या कह रही है पुलिस?
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक कोई बड़ी गिरफ्तारी नहीं हुई है। गोरमी थाना प्रभारी का कहना है कि वे मामले की गंभीरता को समझते हैं और जल्द कार्रवाई करेंगे।
समाज और राजनीति में गहराता सवाल
यह घटना एक बार फिर दलितों के खिलाफ बढ़ते अत्याचार और पुलिस-प्रशासन की लापरवाही पर सवाल खड़े करती है। सवाल यह भी है कि क्या आरोपी इतने खुलेआम धमकी देकर न्याय प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं?
क्या चाहता है पीड़ित परिवार?
- आरोपियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई।
- पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गारंटी।
- मामले की सीबीआई जांच कराई जाए।
निष्कर्ष
यह मामला सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि दलित समुदाय के खिलाफ बढ़ती हिंसा का एक और उदाहरण है। अगर जल्द कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसी घटनाएं थमने वाली नहीं हैं।