रिपोर्टर संजू जैन
सागर विधानसभा क्षेत्र के देवकर नगर पंचायत में गौरव पथ मार्ग पर बन रही आर.सी.सी. नाली को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। जनप्रतिनिधियों ने निर्माण में घटिया सामग्री उपयोग और विद्युत विभाग की अनुमति (एन.ओ.सी.) के बिना काम शुरू किए जाने का आरोप लगाते हुए अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।
बिना एन.ओ.सी. के चल रहा निर्माण
जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल से अनुमति लिए बिना गौरव पथ मार्ग पर नाली निर्माण कार्य शुरू किया गया है। अभी तक करीब 300 मीटर नाली निर्माण हो चुका है, जबकि आगे लगभग 700 मीटर कार्य शेष है। इस कार्य की अनुमानित लागत करीब 40 लाख रुपये बताई जा रही है।
नाली के बीच आ गए बिजली के पोल
निर्माण कार्य के चलते पहले से स्थापित 3 विद्युत पोल नाली के बीचोंबीच आ गए हैं। आगे के निर्माण में लगभग 15 और पोल प्रभावित होने की संभावना है। विद्युत विभाग की ओर से नगर पंचायत को 2 बार नोटिस भेजा जा चुका है, जिसमें संभावित विद्युत दुर्घटना की आशंका जताई गई है। नोटिस में स्पष्ट लिखा गया है कि दुर्घटना होने पर पूरी जिम्मेदारी संबंधित निकाय की होगी और पोल हटाने का खर्च भी नगर पंचायत को वहन करना होगा।
पार्षद निधि से खर्च निकालने का आरोप
जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत देवकर के सी.एम.ओ. अपनी लापरवाही छिपाने के लिए पोल हटाने का खर्च पार्षद निधि से करने का दबाव बना रहे हैं। इस संबंध में पार्षद दल द्वारा पहले भी सी.एम.ओ. को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
घटिया निर्माण सामग्री के आरोप
जनप्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया कि नाली निर्माण में काली गिट्टी, लोकल नदी की मिट्टी और घटिया रेत का उपयोग किया जा रहा है। इससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
अपर कलेक्टर से कड़ी कार्रवाई की मांग
पार्षद दल ने संयुक्त हस्ताक्षरित ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि:
- तुरंत निर्माण कार्य को रोका जाए।
- निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री की जांच कराई जाए।
- जानबूझकर विद्युत खंभों को बीच में लाने के लिए जिम्मेदार ठेकेदार, सब इंजीनियर या मुख्य नगर पालिका अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की जाए।





