बेमेतरा। रिपोर्टर – संजू जैन।
बेमेतरा से दुर्ग मार्ग पर 24 घंटे सड़क पर बैठे मवेशी आमजनों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। खासकर भेडनी पुल पर सैकड़ों की संख्या में मवेशी बैठे रहते हैं। कई बार छोटे बछड़ों के भी सड़क पर छोड़ दिए जाने से स्थिति और खतरनाक हो जाती है। इसके चलते अब तक कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
गौठान बंद, सड़क पर मवेशी
स्थानीय लोगों का कहना है कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने मवेशियों के लिए गौठान योजना शुरू की थी, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद इन गौठानों का संचालन बंद हो गया। परिणामस्वरूप मवेशी अब सड़कों पर आकर बैठ जाते हैं।
वाहन चालकों की बढ़ी मुसीबत
भेडनी से लेकर बेमेतरा और दुर्ग की ओर जाने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक इन मवेशियों के कारण रोजाना परेशानी झेलते हैं। कई बार तो तेज रफ्तार वाहनों की टक्कर से मवेशियों की मौत हो जाती है, वहीं बाइक सवार और बड़े वाहन भी दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश हवा में
हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि सड़क पर अब एक भी मवेशी नजर नहीं आना चाहिए। बावजूद इसके स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं।
भेडनी, हथमुडी, निनवा और देवरबीजा सड़कों पर दिन-रात मवेशी बैठे रहते हैं। हैरानी की बात यह है कि जब किसी वीआईपी का काफिला निकलता है, तभी सड़क को साफ किया जाता है और मवेशियों को हटाया जाता है।
लोगों में नाराजगी
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को केवल वीआईपी मूवमेंट के समय नहीं, बल्कि आम जनता की सुरक्षा के लिए भी कदम उठाने चाहिए। वरना सड़क पर बैठे मवेशियों के कारण बड़े हादसे कभी भी हो सकते हैं।





