रिपोर्टर: संजू जैन
ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पताल बंद
बेमेतरा जिले में नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) कर्मचारियों की हड़ताल का सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखाई दे रहा है। जिले के उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल की सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं।
400 कर्मचारी हड़ताल पर
बेमेतरा जिले के करीब 400 एनएचएम कर्मचारी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं। इसका सबसे ज्यादा असर ग्रामीण इलाकों के अस्पतालों पर पड़ा है, जहां उप स्वास्थ्य केंद्र और छोटे अस्पताल पूरी तरह बंद हो गए हैं।
जिला अस्पताल में भीड़ बढ़ी
गांव के अस्पताल बंद होने से अब मरीज बड़ी संख्या में जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। खासकर गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चों का टीकाकरण कराने वाले परिजन और मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसमी बीमारियों का खतरा
मौसम में बदलाव के चलते डायरिया और मलेरिया जैसे मौसमी रोग बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में स्वास्थ्य सेवाओं का ठप होना गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
हड़ताल के कारण बेमेतरा जिला अस्पताल की नवजात शिशु देखभाल इकाई (NRC) बंद हो गई है। इससे कम वजन वाले नवजात शिशुओं की देखभाल प्रभावित हो रही है। डिलीवरी सेवाओं और नियमित बीपी-शुगर फॉलोअप मरीजों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गंभीर स्थिति बनी
NHM कर्मचारियों की हड़ताल ने पूरे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को अस्त-व्यस्त कर दिया है। स्कूली बच्चों का इलाज, डेंगू, मलेरिया और फायलेरिया जैसी बीमारियों का उपचार भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों और मरीजों का कहना है कि अगर जल्द ही समाधान नहीं निकला, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।





