रिपोर्ट: दीनानाथ
Aurangabad Bribery Case बिहार के औरंगाबाद जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए निगरानी (विजिलेंस) विभाग की टीम ने रिसियप थाना में पदस्थापित सब-इंस्पेक्टर (एसआई) उमेश कुमार को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
Aurangabad Bribery Case शिकायत के बाद विजिलेंस ने बिछाया जाल
जानकारी के अनुसार, तेंदुआ गणपत गांव निवासी डॉ. लक्ष्मण राम ने एसआई उमेश कुमार पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए निगरानी विभाग से शिकायत की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद विजिलेंस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की।
जैसे ही शिकायतकर्ता ने एसआई को 50 हजार रुपये दिए, पहले से मौजूद विजिलेंस अधिकारियों ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और आरोपी अधिकारी को अपने साथ ले गई।
Aurangabad Bribery Case मारपीट के मामले की जांच के दौरान रिश्वत मांगने का आरोप
बताया जा रहा है कि गांव में नाली-गली विवाद और मारपीट से जुड़े एक मामले की जांच एसआई उमेश कुमार को सौंपी गई थी। शिकायतकर्ता डॉ. लक्ष्मण राम का आरोप है कि जांच के दौरान एसआई उन पर लगातार दबाव बना रहे थे और केस में राहत देने के बदले रिश्वत की मांग कर रहे थे।
शिकायतकर्ता के अनुसार, अधिकारी ने पहले डेढ़ लाख रुपये की मांग की थी, बाद में एक लाख रुपये में मामला तय हुआ। इसमें 50 हजार रुपये पहले और शेष राशि बाद में देने की बात हुई थी।
Aurangabad Bribery Case धमकी और दबाव बनाने के भी आरोप
डॉ. लक्ष्मण राम ने आरोप लगाया है कि रिश्वत नहीं देने पर उन्हें और उनके परिवार को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जा रही थी। शिकायतकर्ता का यह भी दावा है कि मुलाकात के दौरान उनसे विभिन्न प्रकार की निजी मांगें भी की जाती थीं।
हालांकि इन आरोपों की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जाएगी और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।
विजिलेंस विभाग की इस कार्रवाई को राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मामले में आगे की जांच जारी है।
Read this: Katihar Crime News: कटिहार में पंजाब के दो संदिग्ध गिरफ्तार, हथियार और 22 कारतूस बरामद



