Report: Punit sen
Anuppur । जिले के रामनगर थाना क्षेत्र में चमत्कारी इलाज और तंत्र-मंत्र का झांसा देकर भोली-भाली जनता को लूटने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। लकवा पीड़ित के इलाज के नाम पर आरोपियों ने परिवार को मौत का डर दिखाया और गहनों व नकदी समेत लाखों रुपये हड़प लिए। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 12 लाख रुपये की मशरूका बरामद की है।

लकवा ठीक करने और ‘कलश’ निकालने का दिया झांसा
Anuppur घटना की शुरुआत ग्राम बरतराई से हुई, जहाँ लक्ष्मण सिंह पोरते के पिता लकवा से पीड़ित थे। गिरोह के सदस्यों ने परिवार का परिचय विश्वनाथ गिरी नामक कथित तांत्रिक से कराया। 25 दिसंबर 2025 को आरोपी दंपति ने पीड़ित के घर पहुंचकर झाड़-फूंक का ढोंग रचा और घर में ‘टोना-टोटका’ होने का खौफ पैदा कर दिया। अगले ही दिन आरोपियों ने जमीन से ‘कलश’ निकालने का दावा करते हुए परिवार से 1 लाख 51 हजार रुपये ऐंठ लिए।

जान से मारने की धमकी देकर लूटे गहने और नकदी
Anuppur आरोपियों का लालच यहीं खत्म नहीं हुआ। 8 जनवरी 2026 को गिरोह दोबारा पीड़ित के घर पहुंचा। इस बार उन्होंने तंत्र-मंत्र के जरिए परिवार को जान से मारने और दोबारा लकवा मारने की धमकी दी। डर के साये में जी रहे परिवार की महिलाओं से उन्होंने सोने के मंगलसूत्र, चांदी के आभूषण और 2.50 लाख रुपये नकद लूट लिए और अपनी मोटरसाइकिल (CG 15 CS 9050) से फरार हो गए। अंततः पीड़ित परिवार ने साहस जुटाकर रामनगर थाने में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस की छापेमारी: मृत जानवर की खोपड़ी और 12 लाख का माल बरामद
Anuppur शिकायत मिलते ही रामनगर पुलिस ने विशेष टीम गठित कर घेराबंदी की और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से:
- 35 ग्राम सोना (15 मंगलसूत्र लॉकेट) और 1 किलो चांदी के जेवर मिले।
- 3 लाख 61 हजार रुपये नकद और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद हुई।
- गिरोह के पास से तंत्र-मंत्र की किताबें और मृत जानवर की खोपड़ी भी मिली, जिसका उपयोग वे लोगों को डराने के लिए करते थे।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और औषधि एवं चमत्कारी उपचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है।





